أَلَمۡ نَشۡرَحۡ لَكَ صَدۡرَكَ
आयत 1
अर्थ का अनुवाद(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)
سُوْرَةُ الشَّرْحِ
सूरह 94आयतें 8 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
أَلَمۡ نَشۡرَحۡ لَكَ صَدۡرَكَ
आयत 1
अर्थ का अनुवाद(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)
وَوَضَعۡنَا عَنكَ وِزۡرَكَ
आयत 2
अर्थ का अनुवादऔर तुम पर से वह बोझ उतार दिया
ٱلَّذِيٓ أَنقَضَ ظَهۡرَكَ
आयत 3
अर्थ का अनुवादजिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी
وَرَفَعۡنَا لَكَ ذِكۡرَكَ
आयत 4
अर्थ का अनुवादऔर तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया
فَإِنَّ مَعَ ٱلۡعُسۡرِ يُسۡرًا
आयत 5
अर्थ का अनुवादतो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है
إِنَّ مَعَ ٱلۡعُسۡرِ يُسۡرࣰ ا
आयत 6
अर्थ का अनुवादयक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है
فَإِذَا فَرَغۡتَ فَٱنصَبۡ
आयत 7
अर्थ का अनुवादतो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो
وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَٱرۡغَب
आयत 8
अर्थ का अनुवादऔर फिर अपने परवरदिगार की तरफ रग़बत करो