क़ुरआन ऑनलाइन गाइड

سُوْرَةُ الشَّرْحِ

Ash-Sharh

सूरह 94आयतें 8 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

أَلَمۡ نَشۡرَحۡ لَكَ صَدۡرَكَ

आयत 1

अर्थ का अनुवाद(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)

وَوَضَعۡنَا عَنكَ وِزۡرَكَ

आयत 2

अर्थ का अनुवादऔर तुम पर से वह बोझ उतार दिया

ٱلَّذِيٓ أَنقَضَ ظَهۡرَكَ

आयत 3

अर्थ का अनुवादजिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी

وَرَفَعۡنَا لَكَ ذِكۡرَكَ

आयत 4

अर्थ का अनुवादऔर तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया

فَإِنَّ مَعَ ٱلۡعُسۡرِ يُسۡرًا

आयत 5

अर्थ का अनुवादतो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है

إِنَّ مَعَ ٱلۡعُسۡرِ يُسۡرࣰ ا

आयत 6

अर्थ का अनुवादयक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है

فَإِذَا فَرَغۡتَ فَٱنصَبۡ

आयत 7

अर्थ का अनुवादतो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो

وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَٱرۡغَب

आयत 8

अर्थ का अनुवादऔर फिर अपने परवरदिगार की तरफ रग़बत करो

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