क़ुरआन ऑनलाइन गाइड

سُوْرَةُ الضُّحٰي

Ad-Dhuhaa

सूरह 93आयतें 11 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

93:1

وَٱلضُّحَىٰ

आयत 1

अर्थ का अनुवाद(ऐ रसूल) पहर दिन चढ़े की क़सम

93:2

وَٱلَّيۡلِ إِذَا سَجَىٰ

आयत 2

अर्थ का अनुवादऔर रात की जब (चीज़ों को) छुपा ले

93:3

مَا وَدَّعَكَ رَبُّكَ وَمَا قَلَىٰ

आयत 3

अर्थ का अनुवादकि तुम्हारा परवरदिगार न तुमको छोड़ बैठा और (न तुमसे) नाराज़ हुआ

93:4

وَلَلۡأٓخِرَةُ خَيۡرࣱ لَّكَ مِنَ ٱلۡأُولَىٰ

आयत 4

अर्थ का अनुवादऔर तुम्हारे वास्ते आख़ेरत दुनिया से यक़ीनी कहीं बेहतर है

93:5

وَلَسَوۡفَ يُعۡطِيكَ رَبُّكَ فَتَرۡضَىٰٓ

आयत 5

अर्थ का अनुवादऔर तुम्हारा परवरदिगार अनक़रीब इस क़दर अता करेगा कि तुम ख़ुश हो जाओ

93:6

أَلَمۡ يَجِدۡكَ يَتِيمࣰ ا فَـَٔاوَىٰ

आयत 6

अर्थ का अनुवादक्या उसने तुम्हें यतीम पाकर (अबू तालिब की) पनाह न दी (ज़रूर दी)

93:7

وَوَجَدَكَ ضَآلࣰّ ا فَهَدَىٰ

आयत 7

अर्थ का अनुवादऔर तुमको एहकाम से नावाकिफ़ देखा तो मंज़िले मक़सूद तक पहुँचा दिया

93:8

وَوَجَدَكَ عَآئِلࣰ ا فَأَغۡنَىٰ

आयत 8

अर्थ का अनुवादऔर तुमको तंगदस्त देखकर ग़नी कर दिया

93:9

فَأَمَّا ٱلۡيَتِيمَ فَلَا تَقۡهَرۡ

आयत 9

अर्थ का अनुवादतो तुम भी यतीम पर सितम न करना

93:10

وَأَمَّا ٱلسَّآئِلَ فَلَا تَنۡهَرۡ

आयत 10

अर्थ का अनुवादमाँगने वाले को झिड़की न देना

93:11

وَأَمَّا بِنِعۡمَةِ رَبِّكَ فَحَدِّثۡ

आयत 11

अर्थ का अनुवादऔर अपने परवरदिगार की नेअमतों का ज़िक्र करते रहना

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