क़ुरआन ऑनलाइन गाइड

سُوْرَةُ قُرَيْشٍ

Quraish

सूरह 106आयतें 4 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

106:1

لِإِيلَٰفِ قُرَيۡشٍ

आयत 1

अर्थ का अनुवादचूँकि क़ुरैश को जाड़े और गर्मी के सफ़र से मानूस कर दिया है

106:2

إِۦلَٰفِهِمۡ رِحۡلَةَ ٱلشِّتَآءِ وَٱلصَّيۡفِ

आयत 2

अर्थ का अनुवादतो उनको मानूस कर देने की वजह से

106:3

فَلۡيَعۡبُدُواْ رَبَّ هَٰذَا ٱلۡبَيۡتِ

आयत 3

अर्थ का अनुवादइस घर (काबा) के मालिक की इबादत करनी चाहिए

106:4

ٱلَّذِيٓ أَطۡعَمَهُم مِّن جُوعࣲ وَءَامَنَهُم مِّنۡ خَوۡفِۭ

आयत 4

अर्थ का अनुवादजिसने उनको भूख में खाना दिया और उनको खौफ़ से अमन अता किया

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