106:1
لِإِيلَٰفِ قُرَيۡشٍ
आयत 1
अर्थ का अनुवादचूँकि क़ुरैश को जाड़े और गर्मी के सफ़र से मानूस कर दिया है
سُوْرَةُ قُرَيْشٍ
सूरह 106आयतें 4 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
لِإِيلَٰفِ قُرَيۡشٍ
आयत 1
अर्थ का अनुवादचूँकि क़ुरैश को जाड़े और गर्मी के सफ़र से मानूस कर दिया है
إِۦلَٰفِهِمۡ رِحۡلَةَ ٱلشِّتَآءِ وَٱلصَّيۡفِ
आयत 2
अर्थ का अनुवादतो उनको मानूस कर देने की वजह से
فَلۡيَعۡبُدُواْ رَبَّ هَٰذَا ٱلۡبَيۡتِ
आयत 3
अर्थ का अनुवादइस घर (काबा) के मालिक की इबादत करनी चाहिए
ٱلَّذِيٓ أَطۡعَمَهُم مِّن جُوعࣲ وَءَامَنَهُم مِّنۡ خَوۡفِۭ
आयत 4
अर्थ का अनुवादजिसने उनको भूख में खाना दिया और उनको खौफ़ से अमन अता किया