क़ुरआन ऑनलाइन गाइड

سُوْرَةُ الْمَاعُوْنِ

Al-Maa'un

सूरह 107आयतें 7 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

أَرَءَيۡتَ ٱلَّذِي يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ

आयत 1

अर्थ का अनुवादक्या तुमने उस शख़्श को भी देखा है जो रोज़ जज़ा को झुठलाता है

فَذَٰلِكَ ٱلَّذِي يَدُعُّ ٱلۡيَتِيمَ

आयत 2

अर्थ का अनुवादये तो वही (कम्बख्त) है जो यतीम को धक्के देता है

وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلۡمِسۡكِينِ

आयत 3

अर्थ का अनुवादऔर मोहताजों को खिलाने के लिए (लोगों को) आमादा नहीं करता

فَوَيۡلࣱ لِّلۡمُصَلِّينَ

आयत 4

अर्थ का अनुवादतो उन नमाज़ियों की तबाही है

ٱلَّذِينَ هُمۡ عَن صَلَاتِهِمۡ سَاهُونَ

आयत 5

अर्थ का अनुवादजो अपनी नमाज़ से ग़ाफिल रहते हैं

ٱلَّذِينَ هُمۡ يُرَآءُونَ

आयत 6

अर्थ का अनुवादजो दिखाने के वास्ते करते हैं

وَيَمۡنَعُونَ ٱلۡمَاعُونَ

आयत 7

अर्थ का अनुवादऔर रोज़मर्रा की मालूली चीज़ें भी आरियत नहीं देते

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