أَلۡهَىٰكُمُ ٱلتَّكَاثُرُ
आयत 1
अर्थ का अनुवादकुल व माल की बहुतायत ने तुम लोगों को ग़ाफ़िल रखा
سُوْرَةُ التَّكَاثُرِ
सूरह 102आयतें 8 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
أَلۡهَىٰكُمُ ٱلتَّكَاثُرُ
आयत 1
अर्थ का अनुवादकुल व माल की बहुतायत ने तुम लोगों को ग़ाफ़िल रखा
حَتَّىٰ زُرۡتُمُ ٱلۡمَقَابِرَ
आयत 2
अर्थ का अनुवादयहाँ तक कि तुम लोगों ने कब्रें देखी (मर गए)
كَلَّا سَوۡفَ تَعۡلَمُونَ
आयत 3
अर्थ का अनुवाददेखो तुमको अनक़रीब ही मालुम हो जाएगा
ثُمَّ كَلَّا سَوۡفَ تَعۡلَمُونَ
आयत 4
अर्थ का अनुवादफिर देखो तुम्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगा
كَلَّا لَوۡ تَعۡلَمُونَ عِلۡمَ ٱلۡيَقِينِ
आयत 5
अर्थ का अनुवाददेखो अगर तुमको यक़ीनी तौर पर मालूम होता (तो हरगिज़ ग़ाफिल न होते)
لَتَرَوُنَّ ٱلۡجَحِيمَ
आयत 6
अर्थ का अनुवादतुम लोग ज़रूर दोज़ख़ को देखोगे
ثُمَّ لَتَرَوُنَّهَا عَيۡنَ ٱلۡيَقِينِ
आयत 7
अर्थ का अनुवादफिर तुम लोग यक़ीनी देखना देखोगे
ثُمَّ لَتُسۡـَٔلُنَّ يَوۡمَئِذٍ عَنِ ٱلنَّعِيمِ
आयत 8
अर्थ का अनुवादफिर तुमसे नेअमतों के बारें ज़रूर बाज़ पुर्स की जाएगी