ٱلۡقَارِعَةُ
आयत 1
अर्थ का अनुवादखड़खड़ाने वाली
سُوْرَةُ الْقَارِعَةِ
सूरह 101आयतें 11 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
ٱلۡقَارِعَةُ
आयत 1
अर्थ का अनुवादखड़खड़ाने वाली
مَا ٱلۡقَارِعَةُ
आयत 2
अर्थ का अनुवादवह खड़खड़ाने वाली क्या है
وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا ٱلۡقَارِعَةُ
आयत 3
अर्थ का अनुवादऔर तुम को क्या मालूम कि वह खड़खड़ाने वाली क्या है
يَوۡمَ يَكُونُ ٱلنَّاسُ كَٱلۡفَرَاشِ ٱلۡمَبۡثُوثِ
आयत 4
अर्थ का अनुवादजिस दिन लोग (मैदाने हश्र में) टिड्डियों की तरह फैले होंगे
وَتَكُونُ ٱلۡجِبَالُ كَٱلۡعِهۡنِ ٱلۡمَنفُوشِ
आयत 5
अर्थ का अनुवादऔर पहाड़ धुनकी हुई रूई के से हो जाएँगे
فَأَمَّا مَن ثَقُلَتۡ مَوَٰزِينُهُۥ
आयत 6
अर्थ का अनुवादतो जिसके (नेक आमाल) के पल्ले भारी होंगे
فَهُوَ فِي عِيشَةࣲ رَّاضِيَةࣲ
आयत 7
अर्थ का अनुवादवह मन भाते ऐश में होंगे
وَأَمَّا مَنۡ خَفَّتۡ مَوَٰزِينُهُۥ
आयत 8
अर्थ का अनुवादऔर जिनके आमाल के पल्ले हल्के होंगे
فَأُمُّهُۥ هَاوِيَةࣱ
आयत 9
अर्थ का अनुवादतो उनका ठिकाना न रहा
وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا هِيَهۡ
आयत 10
अर्थ का अनुवादऔर तुमको क्या मालूम हाविया क्या है
نَارٌ حَامِيَةُۢ
आयत 11
अर्थ का अनुवादवह दहकती हुई आग है