क़ुरआन ऑनलाइन गाइड

سُوْرَةُ العٰدِيٰتِ

Al-Aadiyaat

सूरह 100आयतें 11 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

100:1

وَٱلۡعَٰدِيَٰتِ ضَبۡحࣰ ا

आयत 1

अर्थ का अनुवाद(ग़ाज़ियों के) सरपट दौड़ने वाले घोड़ो की क़सम

100:2

فَٱلۡمُورِيَٰتِ قَدۡحࣰ ا

आयत 2

अर्थ का अनुवादजो नथनों से फ़रराटे लेते हैं

100:3

فَٱلۡمُغِيرَٰتِ صُبۡحࣰ ا

आयत 3

अर्थ का अनुवादफिर पत्थर पर टाप मारकर चिंगारियाँ निकालते हैं फिर सुबह को छापा मारते हैं

100:4

فَأَثَرۡنَ بِهِۦ نَقۡعࣰ ا

आयत 4

अर्थ का अनुवाद(तो दौड़ धूप से) बुलन्द कर देते हैं

100:5

فَوَسَطۡنَ بِهِۦ جَمۡعًا

आयत 5

अर्थ का अनुवादफिर उस वक्त (दुश्मन के) दिल में घुस जाते हैं

100:6

إِنَّ ٱلۡإِنسَٰنَ لِرَبِّهِۦ لَكَنُودࣱ‏

आयत 6

अर्थ का अनुवाद(ग़रज़ क़सम है) कि बेशक इन्सान अपने परवरदिगार का नाशुक्रा है

100:7

وَإِنَّهُۥ عَلَىٰ ذَٰلِكَ لَشَهِيدࣱ‏

आयत 7

अर्थ का अनुवादऔर यक़ीनी ख़ुदा भी उससे वाक़िफ़ है

100:8

وَإِنَّهُۥ لِحُبِّ ٱلۡخَيۡرِ لَشَدِيدٌ

आयत 8

अर्थ का अनुवादऔर बेशक वह माल का सख्त हरीस है

100:9

۞أَفَلَا يَعۡلَمُ إِذَا بُعۡثِرَ مَا فِي ٱلۡقُبُورِ

आयत 9

अर्थ का अनुवादतो क्या वह ये नहीं जानता कि जब मुर्दे क़ब्रों से निकाले जाएँगे

100:10

وَحُصِّلَ مَا فِي ٱلصُّدُورِ

आयत 10

अर्थ का अनुवादऔर दिलों के भेद ज़ाहिर कर दिए जाएँगे

100:11

إِنَّ رَبَّهُم بِهِمۡ يَوۡمَئِذࣲ لَّخَبِيرُۢ

आयत 11

अर्थ का अनुवादबेशक उस दिन उनका परवरदिगार उनसे ख़ूब वाक़िफ़ होगा

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