क़ुरआन ऑनलाइन गाइड

سُوْرَةُ الطَّارِقِ

At-Taariq

सूरह 86आयतें 17 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

وَٱلسَّمَآءِ وَٱلطَّارِقِ

आयत 1

अर्थ का अनुवादआसमान और रात को आने वाले की क़सम

وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا ٱلطَّارِقُ

आयत 2

अर्थ का अनुवादऔर तुमको क्या मालूम रात को आने वाला क्या है

ٱلنَّجۡمُ ٱلثَّاقِبُ

आयत 3

अर्थ का अनुवाद(वह) चमकता हुआ तारा है

إِن كُلُّ نَفۡسࣲ لَّمَّا عَلَيۡهَا حَافِظࣱ‏

आयत 4

अर्थ का अनुवाद(इस बात की क़सम) कि कोई शख़्श ऐसा नहीं जिस पर निगेहबान मुक़र्रर नहीं

فَلۡيَنظُرِ ٱلۡإِنسَٰنُ مِمَّ خُلِقَ

आयत 5

अर्थ का अनुवादतो इन्सान को देखना चाहिए कि वह किस चीज़ से पैदा हुआ हैं

خُلِقَ مِن مَّآءࣲ دَافِقࣲ‏

आयत 6

अर्थ का अनुवादवह उछलते हुए पानी (मनी) से पैदा हुआ है

يَخۡرُجُ مِنۢ بَيۡنِ ٱلصُّلۡبِ وَٱلتَّرَآئِبِ

आयत 7

अर्थ का अनुवादजो पीठ और सीने की हड्डियों के बीच में से निकलता है

إِنَّهُۥ عَلَىٰ رَجۡعِهِۦ لَقَادِرࣱ‏

आयत 8

अर्थ का अनुवादबेशक ख़ुदा उसके दोबारा (पैदा) करने पर ज़रूर कुदरत रखता है

يَوۡمَ تُبۡلَى ٱلسَّرَآئِرُ

आयत 9

अर्थ का अनुवादजिस दिन दिलों के भेद जाँचे जाएँगे

فَمَا لَهُۥ مِن قُوَّةࣲ وَلَا نَاصِرࣲ‏

आयत 10

अर्थ का अनुवादतो (उस दिन) उसका न कुछ ज़ोर चलेगा और न कोई मददगार होगा

وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلرَّجۡعِ

आयत 11

अर्थ का अनुवादचक्कर (खाने) वाले आसमान की क़सम

وَٱلۡأَرۡضِ ذَاتِ ٱلصَّدۡعِ

आयत 12

अर्थ का अनुवादऔर फटने वाली (ज़मीन की क़सम)

إِنَّهُۥ لَقَوۡلࣱ فَصۡلࣱ‏

आयत 13

अर्थ का अनुवादबेशक ये क़ुरान क़ौले फ़ैसल है

وَمَا هُوَ بِٱلۡهَزۡلِ

आयत 14

अर्थ का अनुवादऔर लग़ो नहीं है

إِنَّهُمۡ يَكِيدُونَ كَيۡدࣰ ا

आयत 15

अर्थ का अनुवादबेशक ये कुफ्फ़ार अपनी तदबीर कर रहे हैं

وَأَكِيدُ كَيۡدࣰ ا

आयत 16

अर्थ का अनुवादऔर मैं अपनी तद्बीर कर रहा हूँ

فَمَهِّلِ ٱلۡكَٰفِرِينَ أَمۡهِلۡهُمۡ رُوَيۡدَۢا

आयत 17

अर्थ का अनुवादतो काफ़िरों को मोहलत दो बस उनको थोड़ी सी मोहलत दो

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