تَبَّتۡ يَدَآ أَبِي لَهَبࣲ وَتَبَّ
आयत 1
अर्थ का अनुवादअबु लहब के हाथ टूट जाएँ और वह ख़ुद सत्यानास हो जाए
سُوْرَةُ المَسَدِ
सूरह 111आयतें 5 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
تَبَّتۡ يَدَآ أَبِي لَهَبࣲ وَتَبَّ
आयत 1
अर्थ का अनुवादअबु लहब के हाथ टूट जाएँ और वह ख़ुद सत्यानास हो जाए
مَآ أَغۡنَىٰ عَنۡهُ مَالُهُۥ وَمَا كَسَبَ
आयत 2
अर्थ का अनुवाद(आख़िर) न उसका माल ही उसके हाथ आया और (न) उसने कमाया
سَيَصۡلَىٰ نَارࣰ ا ذَاتَ لَهَبࣲ
आयत 3
अर्थ का अनुवादवह बहुत भड़कती हुई आग में दाख़िल होगा
وَٱمۡرَأَتُهُۥ حَمَّالَةَ ٱلۡحَطَبِ
आयत 4
अर्थ का अनुवादऔर उसकी जोरू भी जो सर पर ईंधन उठाए फिरती है
فِي جِيدِهَا حَبۡلࣱ مِّن مَّسَدِۭ
आयत 5
अर्थ का अनुवादऔर उसके गले में बटी हुई रस्सी बँधी है