क़ुरआन ऑनलाइन गाइड

سُوْرَةُ المَسَدِ

Al-Masad

सूरह 111आयतें 5 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

تَبَّتۡ يَدَآ أَبِي لَهَبࣲ وَتَبَّ

आयत 1

अर्थ का अनुवादअबु लहब के हाथ टूट जाएँ और वह ख़ुद सत्यानास हो जाए

مَآ أَغۡنَىٰ عَنۡهُ مَالُهُۥ وَمَا كَسَبَ

आयत 2

अर्थ का अनुवाद(आख़िर) न उसका माल ही उसके हाथ आया और (न) उसने कमाया

سَيَصۡلَىٰ نَارࣰ ا ذَاتَ لَهَبࣲ‏

आयत 3

अर्थ का अनुवादवह बहुत भड़कती हुई आग में दाख़िल होगा

وَٱمۡرَأَتُهُۥ حَمَّالَةَ ٱلۡحَطَبِ

आयत 4

अर्थ का अनुवादऔर उसकी जोरू भी जो सर पर ईंधन उठाए फिरती है

فِي جِيدِهَا حَبۡلࣱ مِّن مَّسَدِۭ

आयत 5

अर्थ का अनुवादऔर उसके गले में बटी हुई रस्सी बँधी है

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