لَآ أُقۡسِمُ بِهَٰذَا ٱلۡبَلَدِ
आयत 1
अर्थ का अनुवादमुझे इस शहर (मक्का) की कसम
سُوْرَةُ الْبَلَدِ
सूरह 90आयतें 20 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
لَآ أُقۡسِمُ بِهَٰذَا ٱلۡبَلَدِ
आयत 1
अर्थ का अनुवादमुझे इस शहर (मक्का) की कसम
وَأَنتَ حِلُّۢ بِهَٰذَا ٱلۡبَلَدِ
आयत 2
अर्थ का अनुवादऔर तुम इसी शहर में तो रहते हो
وَوَالِدࣲ وَمَا وَلَدَ
आयत 3
अर्थ का अनुवादऔर (तुम्हारे) बाप (आदम) और उसकी औलाद की क़सम
لَقَدۡ خَلَقۡنَا ٱلۡإِنسَٰنَ فِي كَبَدٍ
आयत 4
अर्थ का अनुवादहमने इन्सान को मशक्क़त में (रहने वाला) पैदा किया है
أَيَحۡسَبُ أَن لَّن يَقۡدِرَ عَلَيۡهِ أَحَدࣱ
आयत 5
अर्थ का अनुवादक्या वह ये समझता है कि उस पर कोई काबू न पा सकेगा
يَقُولُ أَهۡلَكۡتُ مَالࣰ ا لُّبَدًا
आयत 6
अर्थ का अनुवादवह कहता है कि मैने अलग़ारों माल उड़ा दिया
أَيَحۡسَبُ أَن لَّمۡ يَرَهُۥٓ أَحَدٌ
आयत 7
अर्थ का अनुवादक्या वह ये ख्याल रखता है कि उसको किसी ने देखा ही नहीं
أَلَمۡ نَجۡعَل لَّهُۥ عَيۡنَيۡنِ
आयत 8
अर्थ का अनुवादक्या हमने उसे दोनों ऑंखें और ज़बान
وَلِسَانࣰ ا وَشَفَتَيۡنِ
आयत 9
अर्थ का अनुवादऔर दोनों लब नहीं दिए (ज़रूर दिए)
وَهَدَيۡنَٰهُ ٱلنَّجۡدَيۡنِ
आयत 10
अर्थ का अनुवादऔर उसको (अच्छी बुरी) दोनों राहें भी दिखा दीं
فَلَا ٱقۡتَحَمَ ٱلۡعَقَبَةَ
आयत 11
अर्थ का अनुवादफिर वह घाटी पर से होकर (क्यों) नहीं गुज़रा
وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا ٱلۡعَقَبَةُ
आयत 12
अर्थ का अनुवादऔर तुमको क्या मालूम कि घाटी क्या है
فَكُّ رَقَبَةٍ
आयत 13
अर्थ का अनुवादकिसी (की) गर्दन का (गुलामी या कर्ज से) छुड़ाना
أَوۡ إِطۡعَٰمࣱ فِي يَوۡمࣲ ذِي مَسۡغَبَةࣲ
आयत 14
अर्थ का अनुवादया भूख के दिन रिश्तेदार यतीम या ख़ाकसार
يَتِيمࣰ ا ذَا مَقۡرَبَةٍ
आयत 15
अर्थ का अनुवादमोहताज को
أَوۡ مِسۡكِينࣰ ا ذَا مَتۡرَبَةࣲ
आयत 16
अर्थ का अनुवादखाना खिलाना
ثُمَّ كَانَ مِنَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَتَوَاصَوۡاْ بِٱلصَّبۡرِ وَتَوَاصَوۡاْ بِٱلۡمَرۡحَمَةِ
आयत 17
अर्थ का अनुवादफिर तो उन लोगों में (शामिल) हो जाता जो ईमान लाए और सब्र की नसीहत और तरस खाने की वसीयत करते रहे
أُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡمَيۡمَنَةِ
आयत 18
अर्थ का अनुवादयही लोग ख़ुश नसीब हैं
وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بِـَٔايَٰتِنَا هُمۡ أَصۡحَٰبُ ٱلۡمَشۡـَٔمَةِ
आयत 19
अर्थ का अनुवादऔर जिन लोगों ने हमारी आयतों से इन्कार किया है यही लोग बदबख्त हैं
عَلَيۡهِمۡ نَارࣱ مُّؤۡصَدَةُۢ
आयत 20
अर्थ का अनुवादकि उनको आग में डाल कर हर तरफ से बन्द कर दिया जाएगा