إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنشَقَّتۡ
आयत 1
अर्थ का अनुवादजब आसमान फट जाएगा
سُوْرَةُ الاِنْشِقَاقِ
सूरह 84आयतें 25 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنشَقَّتۡ
आयत 1
अर्थ का अनुवादजब आसमान फट जाएगा
وَأَذِنَتۡ لِرَبِّهَا وَحُقَّتۡ
आयत 2
अर्थ का अनुवादऔर अपने परवरदिगार का हुक्म बजा लाएगा और उसे वाजिब भी यही है
وَإِذَا ٱلۡأَرۡضُ مُدَّتۡ
आयत 3
अर्थ का अनुवादऔर जब ज़मीन (बराबर करके) तान दी जाएगी
وَأَلۡقَتۡ مَا فِيهَا وَتَخَلَّتۡ
आयत 4
अर्थ का अनुवादऔर जो कुछ उसमें है उगल देगी और बिल्कुल ख़ाली हो जाएगी
وَأَذِنَتۡ لِرَبِّهَا وَحُقَّتۡ
आयत 5
अर्थ का अनुवादऔर अपने परवरदिगार का हुक्म बजा लाएगी
يَٰٓأَيُّهَا ٱلۡإِنسَٰنُ إِنَّكَ كَادِحٌ إِلَىٰ رَبِّكَ كَدۡحࣰ ا فَمُلَٰقِيهِ
आयत 6
अर्थ का अनुवादऔर उस पर लाज़िम भी यही है (तो क़यामत आ जाएगी) ऐ इन्सान तू अपने परवरदिगार की हुज़ूरी की कोशिश करता है
فَأَمَّا مَنۡ أُوتِيَ كِتَٰبَهُۥ بِيَمِينِهِۦ
आयत 7
अर्थ का अनुवादतो तू (एक न एक दिन) उसके सामने हाज़िर होगा फिर (उस दिन) जिसका नामाए आमाल उसके दाहिने हाथ में दिया जाएगा
فَسَوۡفَ يُحَاسَبُ حِسَابࣰ ا يَسِيرࣰ ا
आयत 8
अर्थ का अनुवादउससे तो हिसाब आसान तरीके से लिया जाएगा
وَيَنقَلِبُ إِلَىٰٓ أَهۡلِهِۦ مَسۡرُورࣰ ا
आयत 9
अर्थ का अनुवादऔर (फिर) वह अपने (मोमिनीन के) क़बीले की तरफ ख़ुश ख़ुश पलटेगा
وَأَمَّا مَنۡ أُوتِيَ كِتَٰبَهُۥ وَرَآءَ ظَهۡرِهِۦ
आयत 10
अर्थ का अनुवादलेकिन जिस शख़्श को उसका नामए आमल उसकी पीठ के पीछे से दिया जाएगा
فَسَوۡفَ يَدۡعُواْ ثُبُورࣰ ا
आयत 11
अर्थ का अनुवादवह तो मौत की दुआ करेगा
وَيَصۡلَىٰ سَعِيرًا
आयत 12
अर्थ का अनुवादऔर जहन्नुम वासिल होगा
إِنَّهُۥ كَانَ فِيٓ أَهۡلِهِۦ مَسۡرُورًا
आयत 13
अर्थ का अनुवादये शख़्श तो अपने लड़के बालों में मस्त रहता था
إِنَّهُۥ ظَنَّ أَن لَّن يَحُورَ
आयत 14
अर्थ का अनुवादऔर समझता था कि कभी (ख़ुदा की तरफ) फिर कर जाएगा ही नहीं
بَلَىٰٓۚ إِنَّ رَبَّهُۥ كَانَ بِهِۦ بَصِيرࣰ ا
आयत 15
अर्थ का अनुवादहाँ उसका परवरदिगार यक़ीनी उसको देख भाल कर रहा है
فَلَآ أُقۡسِمُ بِٱلشَّفَقِ
आयत 16
अर्थ का अनुवादतो मुझे शाम की मुर्ख़ी की क़सम
وَٱلَّيۡلِ وَمَا وَسَقَ
आयत 17
अर्थ का अनुवादऔर रात की और उन चीज़ों की जिन्हें ये ढाँक लेती है
وَٱلۡقَمَرِ إِذَا ٱتَّسَقَ
आयत 18
अर्थ का अनुवादऔर चाँद की जब पूरा हो जाए
لَتَرۡكَبُنَّ طَبَقًا عَن طَبَقࣲ
आयत 19
अर्थ का अनुवादकि तुम लोग ज़रूर एक सख्ती के बाद दूसरी सख्ती में फँसोगे
فَمَا لَهُمۡ لَا يُؤۡمِنُونَ
आयत 20
अर्थ का अनुवादतो उन लोगों को क्या हो गया है कि ईमान नहीं ईमान नहीं लाते
وَإِذَا قُرِئَ عَلَيۡهِمُ ٱلۡقُرۡءَانُ لَا يَسۡجُدُونَۤ۩
आयत 21
अर्थ का अनुवादऔर जब उनके सामने क़ुरान पढ़ा जाता है तो (ख़ुदा का) सजदा नहीं करते (21) (सजदा)
بَلِ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ يُكَذِّبُونَ
आयत 22
अर्थ का अनुवादबल्कि काफ़िर लोग तो (और उसे) झुठलाते हैं
وَٱللَّهُ أَعۡلَمُ بِمَا يُوعُونَ
आयत 23
अर्थ का अनुवादऔर जो बातें ये लोग अपने दिलों में छिपाते हैं ख़ुदा उसे ख़ूब जानता है
فَبَشِّرۡهُم بِعَذَابٍ أَلِيمٍ
आयत 24
अर्थ का अनुवादतो (ऐ रसूल) उन्हें दर्दनाक अज़ाब की ख़ुशख़बरी दे दो
إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ لَهُمۡ أَجۡرٌ غَيۡرُ مَمۡنُونِۭ
आयत 25
अर्थ का अनुवादमगर जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे अच्छे काम किए उनके लिए बेइन्तिहा अज्र (व सवाब है)