عَبَسَ وَتَوَلَّىٰٓ
आयत 1
अर्थ का अनुवादवह अपनी बात पर चीं ब जबीं हो गया
سُوْرَةُ عَبَسَ
सूरह 80आयतें 42 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
عَبَسَ وَتَوَلَّىٰٓ
आयत 1
अर्थ का अनुवादवह अपनी बात पर चीं ब जबीं हो गया
أَن جَآءَهُ ٱلۡأَعۡمَىٰ
आयत 2
अर्थ का अनुवादऔर मुँह फेर बैठा कि उसके पास नाबीना आ गया
وَمَا يُدۡرِيكَ لَعَلَّهُۥ يَزَّكَّىٰٓ
आयत 3
अर्थ का अनुवादऔर तुमको क्या मालूम यायद वह (तालीम से) पाकीज़गी हासिल करता
أَوۡ يَذَّكَّرُ فَتَنفَعَهُ ٱلذِّكۡرَىٰٓ
आयत 4
अर्थ का अनुवादया वह नसीहत सुनता तो नसीहत उसके काम आती
أَمَّا مَنِ ٱسۡتَغۡنَىٰ
आयत 5
अर्थ का अनुवादतो जो कुछ परवाह नहीं करता
فَأَنتَ لَهُۥ تَصَدَّىٰ
आयत 6
अर्थ का अनुवादउसके तो तुम दरपै हो जाते हो हालॉकि अगर वह न सुधरे
وَمَا عَلَيۡكَ أَلَّا يَزَّكَّىٰ
आयत 7
अर्थ का अनुवादतो तुम ज़िम्मेदार नहीं
وَأَمَّا مَن جَآءَكَ يَسۡعَىٰ
आयत 8
अर्थ का अनुवादऔर जो तुम्हारे पास लपकता हुआ आता है
وَهُوَ يَخۡشَىٰ
आयत 9
अर्थ का अनुवादऔर (ख़ुदा से) डरता है
فَأَنتَ عَنۡهُ تَلَهَّىٰ
आयत 10
अर्थ का अनुवादतो तुम उससे बेरूख़ी करते हो
كَلَّآ إِنَّهَا تَذۡكِرَةࣱ
आयत 11
अर्थ का अनुवाददेखो ये (क़ुरान) तो सरासर नसीहत है
فَمَن شَآءَ ذَكَرَهُۥ
आयत 12
अर्थ का अनुवादतो जो चाहे इसे याद रखे
فِي صُحُفࣲ مُّكَرَّمَةࣲ
आयत 13
अर्थ का अनुवाद(लौहे महफूज़ के) बहुत मोअज़ज़िज औराक़ में (लिखा हुआ) है
مَّرۡفُوعَةࣲ مُّطَهَّرَةِۭ
आयत 14
अर्थ का अनुवादबुलन्द मरतबा और पाक हैं
بِأَيۡدِي سَفَرَةࣲ
आयत 15
अर्थ का अनुवाद(ऐसे) लिखने वालों के हाथों में है
كِرَامِۭ بَرَرَةࣲ
आयत 16
अर्थ का अनुवादजो बुज़ुर्ग नेकोकार हैं
قُتِلَ ٱلۡإِنسَٰنُ مَآ أَكۡفَرَهُۥ
आयत 17
अर्थ का अनुवादइन्सान हलाक हो जाए वह क्या कैसा नाशुक्रा है
مِنۡ أَيِّ شَيۡءٍ خَلَقَهُۥ
आयत 18
अर्थ का अनुवाद(ख़ुदा ने) उसे किस चीज़ से पैदा किया
مِن نُّطۡفَةٍ خَلَقَهُۥ فَقَدَّرَهُۥ
आयत 19
अर्थ का अनुवादनुत्फे से उसे पैदा किया फिर उसका अन्दाज़ा मुक़र्रर किया
ثُمَّ ٱلسَّبِيلَ يَسَّرَهُۥ
आयत 20
अर्थ का अनुवादफिर उसका रास्ता आसान कर दिया
ثُمَّ أَمَاتَهُۥ فَأَقۡبَرَهُۥ
आयत 21
अर्थ का अनुवादफिर उसे मौत दी फिर उसे कब्र में दफ़न कराया
ثُمَّ إِذَا شَآءَ أَنشَرَهُۥ
आयत 22
अर्थ का अनुवादफिर जब चाहेगा उठा खड़ा करेगा
كَلَّا لَمَّا يَقۡضِ مَآ أَمَرَهُۥ
आयत 23
अर्थ का अनुवादसच तो यह है कि ख़ुदा ने जो हुक्म उसे दिया उसने उसको पूरा न किया
فَلۡيَنظُرِ ٱلۡإِنسَٰنُ إِلَىٰ طَعَامِهِۦٓ
आयत 24
अर्थ का अनुवादतो इन्सान को अपने घाटे ही तरफ ग़ौर करना चाहिए
أَنَّا صَبَبۡنَا ٱلۡمَآءَ صَبࣰّ ا
आयत 25
अर्थ का अनुवादकि हम ही ने (बादल) से पानी बरसाया
ثُمَّ شَقَقۡنَا ٱلۡأَرۡضَ شَقࣰّ ا
आयत 26
अर्थ का अनुवादफिर हम ही ने ज़मीन (दरख्त उगाकर) चीरी फाड़ी
فَأَنۢبَتۡنَا فِيهَا حَبࣰّ ا
आयत 27
अर्थ का अनुवादफिर हमने उसमें अनाज उगाया
وَعِنَبࣰ ا وَقَضۡبࣰ ا
आयत 28
अर्थ का अनुवादऔर अंगूर और तरकारियाँ
وَزَيۡتُونࣰ ا وَنَخۡلࣰ ا
आयत 29
अर्थ का अनुवादऔर ज़ैतून और खजूरें
وَحَدَآئِقَ غُلۡبࣰ ا
आयत 30
अर्थ का अनुवादऔर घने घने बाग़ और मेवे
وَفَٰكِهَةࣰ وَأَبࣰّ ا
आयत 31
अर्थ का अनुवादऔर चारा (ये सब कुछ) तुम्हारे और तुम्हारे
مَّتَٰعࣰ ا لَّكُمۡ وَلِأَنۡعَٰمِكُمۡ
आयत 32
अर्थ का अनुवादचारपायों के फायदे के लिए (बनाया)
فَإِذَا جَآءَتِ ٱلصَّآخَّةُ
आयत 33
अर्थ का अनुवादतो जब कानों के परदे फाड़ने वाली (क़यामत) आ मौजूद होगी
يَوۡمَ يَفِرُّ ٱلۡمَرۡءُ مِنۡ أَخِيهِ
आयत 34
अर्थ का अनुवादउस दिन आदमी अपने भाई
وَأُمِّهِۦ وَأَبِيهِ
आयत 35
अर्थ का अनुवादऔर अपनी माँ और अपने बाप
وَصَٰحِبَتِهِۦ وَبَنِيهِ
आयत 36
अर्थ का अनुवादऔर अपने लड़के बालों से भागेगा
لِكُلِّ ٱمۡرِيࣲٕ مِّنۡهُمۡ يَوۡمَئِذࣲ شَأۡنࣱ يُغۡنِيهِ
आयत 37
अर्थ का अनुवादउस दिन हर शख़्श (अपनी नजात की) ऐसी फ़िक्र में होगा जो उसके (मशग़ूल होने के) लिए काफ़ी हों
وُجُوهࣱ يَوۡمَئِذࣲ مُّسۡفِرَةࣱ
आयत 38
अर्थ का अनुवादबहुत से चेहरे तो उस दिन चमकते होंगे
ضَاحِكَةࣱ مُّسۡتَبۡشِرَةࣱ
आयत 39
अर्थ का अनुवादख़न्दाँ शांदाँ (यही नेको कार हैं)
وَوُجُوهࣱ يَوۡمَئِذٍ عَلَيۡهَا غَبَرَةࣱ
आयत 40
अर्थ का अनुवादऔर बहुत से चेहरे ऐसे होंगे जिन पर गर्द पड़ी होगी
تَرۡهَقُهَا قَتَرَةٌ
आयत 41
अर्थ का अनुवादउस पर सियाही छाई हुई होगी
أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡكَفَرَةُ ٱلۡفَجَرَةُ
आयत 42
अर्थ का अनुवादयही कुफ्फ़ार बदकार हैं