وَٱلۡمُرۡسَلَٰتِ عُرۡفࣰ ا
आयत 1
अर्थ का अनुवादहवाओं की क़सम जो (पहले) धीमी चलती हैं
سُوْرَةُ الْمُرْسَلَاتِ
सूरह 77आयतें 50 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 29–29
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
وَٱلۡمُرۡسَلَٰتِ عُرۡفࣰ ا
आयत 1
अर्थ का अनुवादहवाओं की क़सम जो (पहले) धीमी चलती हैं
فَٱلۡعَٰصِفَٰتِ عَصۡفࣰ ا
आयत 2
अर्थ का अनुवादफिर ज़ोर पकड़ के ऑंधी हो जाती हैं
وَٱلنَّٰشِرَٰتِ نَشۡرࣰ ا
आयत 3
अर्थ का अनुवादऔर (बादलों को) उभार कर फैला देती हैं
فَٱلۡفَٰرِقَٰتِ فَرۡقࣰ ا
आयत 4
अर्थ का अनुवादफिर (उनको) फाड़ कर जुदा कर देती हैं
فَٱلۡمُلۡقِيَٰتِ ذِكۡرًا
आयत 5
अर्थ का अनुवादफिर फरिश्तों की क़सम जो वही लाते हैं
عُذۡرًا أَوۡ نُذۡرًا
आयत 6
अर्थ का अनुवादताकि हुज्जत तमाम हो और डरा दिया जाए
إِنَّمَا تُوعَدُونَ لَوَٰقِعࣱ
आयत 7
अर्थ का अनुवादकि जिस बात का तुमसे वायदा किया जाता है वह ज़रूर होकर रहेगा
فَإِذَا ٱلنُّجُومُ طُمِسَتۡ
आयत 8
अर्थ का अनुवादफिर जब तारों की चमक जाती रहेगी
وَإِذَا ٱلسَّمَآءُ فُرِجَتۡ
आयत 9
अर्थ का अनुवादऔर जब आसमान फट जाएगा
وَإِذَا ٱلۡجِبَالُ نُسِفَتۡ
आयत 10
अर्थ का अनुवादऔर जब पहाड़ (रूई की तरह) उड़े उड़े फिरेंगे
وَإِذَا ٱلرُّسُلُ أُقِّتَتۡ
आयत 11
अर्थ का अनुवादऔर जब पैग़म्बर लोग एक मुअय्यन वक्त पर जमा किए जाएँगे
لِأَيِّ يَوۡمٍ أُجِّلَتۡ
आयत 12
अर्थ का अनुवाद(फिर) भला इन (बातों) में किस दिन के लिए ताख़ीर की गयी है
لِيَوۡمِ ٱلۡفَصۡلِ
आयत 13
अर्थ का अनुवादफ़ैसले के दिन के लिए
وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا يَوۡمُ ٱلۡفَصۡلِ
आयत 14
अर्थ का अनुवादऔर तुमको क्या मालूम की फ़ैसले का दिन क्या है
وَيۡلࣱ يَوۡمَئِذࣲ لِّلۡمُكَذِّبِينَ
आयत 15
अर्थ का अनुवादउस दिन झुठलाने वालों की मिट्टी ख़राब है
أَلَمۡ نُهۡلِكِ ٱلۡأَوَّلِينَ
आयत 16
अर्थ का अनुवादक्या हमने अगलों को हलाक नहीं किया
ثُمَّ نُتۡبِعُهُمُ ٱلۡأٓخِرِينَ
आयत 17
अर्थ का अनुवादफिर उनके पीछे पीछे पिछलों को भी चलता करेंगे
كَذَٰلِكَ نَفۡعَلُ بِٱلۡمُجۡرِمِينَ
आयत 18
अर्थ का अनुवादहम गुनेहगारों के साथ ऐसा ही किया करते हैं
وَيۡلࣱ يَوۡمَئِذࣲ لِّلۡمُكَذِّبِينَ
आयत 19
अर्थ का अनुवादउस दिन झुठलाने वालों की मिट्टी ख़राब है
أَلَمۡ نَخۡلُقكُّم مِّن مَّآءࣲ مَّهِينࣲ
आयत 20
अर्थ का अनुवादक्या हमने तुमको ज़लील पानी (मनी) से पैदा नहीं किया
فَجَعَلۡنَٰهُ فِي قَرَارࣲ مَّكِينٍ
आयत 21
अर्थ का अनुवादफिर हमने उसको एक मुअय्यन वक्त तक
إِلَىٰ قَدَرࣲ مَّعۡلُومࣲ
आयत 22
अर्थ का अनुवादएक महफूज़ मक़ाम (रहम) में रखा
فَقَدَرۡنَا فَنِعۡمَ ٱلۡقَٰدِرُونَ
आयत 23
अर्थ का अनुवादफिर (उसका) एक अन्दाज़ा मुक़र्रर किया तो हम कैसा अच्छा अन्दाज़ा मुक़र्रर करने वाले हैं
وَيۡلࣱ يَوۡمَئِذࣲ لِّلۡمُكَذِّبِينَ
आयत 24
अर्थ का अनुवादउन दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
أَلَمۡ نَجۡعَلِ ٱلۡأَرۡضَ كِفَاتًا
आयत 25
अर्थ का अनुवादक्या हमने ज़मीन को ज़िन्दों और मुर्दों को समेटने वाली नहीं बनाया
أَحۡيَآءࣰ وَأَمۡوَٰتࣰ ا
आयत 26
अर्थ का अनुवादऔर उसमें ऊँचे ऊँचे अटल पहाड़ रख दिए
وَجَعَلۡنَا فِيهَا رَوَٰسِيَ شَٰمِخَٰتࣲ وَأَسۡقَيۡنَٰكُم مَّآءࣰ فُرَاتࣰ ا
आयत 27
अर्थ का अनुवादऔर तुम लोगों को मीठा पानी पिलाया
وَيۡلࣱ يَوۡمَئِذࣲ لِّلۡمُكَذِّبِينَ
आयत 28
अर्थ का अनुवादउस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
ٱنطَلِقُوٓاْ إِلَىٰ مَا كُنتُم بِهِۦ تُكَذِّبُونَ
आयत 29
अर्थ का अनुवादजिस चीज़ को तुम झुठलाया करते थे अब उसकी तरफ़ चलो
ٱنطَلِقُوٓاْ إِلَىٰ ظِلࣲّ ذِي ثَلَٰثِ شُعَبࣲ
आयत 30
अर्थ का अनुवाद(धुएँ के) साये की तरफ़ चलो जिसके तीन हिस्से हैं
لَّا ظَلِيلࣲ وَلَا يُغۡنِي مِنَ ٱللَّهَبِ
आयत 31
अर्थ का अनुवादजिसमें न ठन्डक है और न जहन्नुम की लपक से बचाएगा
إِنَّهَا تَرۡمِي بِشَرَرࣲ كَٱلۡقَصۡرِ
आयत 32
अर्थ का अनुवादउससे इतने बड़े बड़े अंगारे बरसते होंगे जैसे महल
كَأَنَّهُۥ جِمَٰلَتࣱ صُفۡرࣱ
आयत 33
अर्थ का अनुवादगोया ज़र्द रंग के ऊँट हैं
وَيۡلࣱ يَوۡمَئِذࣲ لِّلۡمُكَذِّبِينَ
आयत 34
अर्थ का अनुवादउस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
هَٰذَا يَوۡمُ لَا يَنطِقُونَ
आयत 35
अर्थ का अनुवादये वह दिन होगा कि लोग लब तक न हिला सकेंगे
وَلَا يُؤۡذَنُ لَهُمۡ فَيَعۡتَذِرُونَ
आयत 36
अर्थ का अनुवादऔर उनको इजाज़त दी जाएगी कि कुछ उज्र माअज़ेरत कर सकें
وَيۡلࣱ يَوۡمَئِذࣲ لِّلۡمُكَذِّبِينَ
आयत 37
अर्थ का अनुवादउस दिन झुठलाने वालों की तबाही है
هَٰذَا يَوۡمُ ٱلۡفَصۡلِۖ جَمَعۡنَٰكُمۡ وَٱلۡأَوَّلِينَ
आयत 38
अर्थ का अनुवादयही फैसले का दिन है (जिस में) हमने तुमको और अगलों को इकट्ठा किया है
فَإِن كَانَ لَكُمۡ كَيۡدࣱ فَكِيدُونِ
आयत 39
अर्थ का अनुवादतो अगर तुम्हें कोई दाँव करना हो तो आओ चल चुको
وَيۡلࣱ يَوۡمَئِذࣲ لِّلۡمُكَذِّبِينَ
आयत 40
अर्थ का अनुवादउस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
إِنَّ ٱلۡمُتَّقِينَ فِي ظِلَٰلࣲ وَعُيُونࣲ
आयत 41
अर्थ का अनुवादबेशक परहेज़गार लोग (दरख्तों की) घनी छाँव में होंगे
وَفَوَٰكِهَ مِمَّا يَشۡتَهُونَ
आयत 42
अर्थ का अनुवादऔर चश्मों और आदमियों में जो उन्हें मरग़ूब हो
كُلُواْ وَٱشۡرَبُواْ هَنِيٓـَٔۢا بِمَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ
आयत 43
अर्थ का अनुवाद(दुनिया में) जो अमल करते थे उसके बदले में मज़े से खाओ पियो
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
आयत 44
अर्थ का अनुवादमुबारक हम नेकोकारों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं
وَيۡلࣱ يَوۡمَئِذࣲ لِّلۡمُكَذِّبِينَ
आयत 45
अर्थ का अनुवादउस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
كُلُواْ وَتَمَتَّعُواْ قَلِيلًا إِنَّكُم مُّجۡرِمُونَ
आयत 46
अर्थ का अनुवाद(झुठलाने वालों) चन्द दिन चैन से खा पी लो तुम बेशक गुनेहगार हो
وَيۡلࣱ يَوۡمَئِذࣲ لِّلۡمُكَذِّبِينَ
आयत 47
अर्थ का अनुवादउस दिन झुठलाने वालों की मिट्टी ख़राब है
وَإِذَا قِيلَ لَهُمُ ٱرۡكَعُواْ لَا يَرۡكَعُونَ
आयत 48
अर्थ का अनुवादऔर जब उनसे कहा जाता है कि रूकूउ करों तो रूकूउ नहीं करते
وَيۡلࣱ يَوۡمَئِذࣲ لِّلۡمُكَذِّبِينَ
आयत 49
अर्थ का अनुवादउस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
فَبِأَيِّ حَدِيثِۭ بَعۡدَهُۥ يُؤۡمِنُونَ
आयत 50
अर्थ का अनुवादअब इसके बाद ये किस बात पर ईमान लाएँगे