سَأَلَ سَآئِلُۢ بِعَذَابࣲ وَاقِعࣲ
आयत 1
अर्थ का अनुवादएक माँगने वाले ने काफिरों के लिए होकर रहने वाले अज़ाब को माँगा
سُوْرَةُ الْمَعَارِجِ
सूरह 70आयतें 44 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 29–29
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
سَأَلَ سَآئِلُۢ بِعَذَابࣲ وَاقِعࣲ
आयत 1
अर्थ का अनुवादएक माँगने वाले ने काफिरों के लिए होकर रहने वाले अज़ाब को माँगा
لِّلۡكَٰفِرِينَ لَيۡسَ لَهُۥ دَافِعࣱ
आयत 2
अर्थ का अनुवादजिसको कोई टाल नहीं सकता
مِّنَ ٱللَّهِ ذِي ٱلۡمَعَارِجِ
आयत 3
अर्थ का अनुवादजो दर्जे वाले ख़ुदा की तरफ से (होने वाला) था
تَعۡرُجُ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ وَٱلرُّوحُ إِلَيۡهِ فِي يَوۡمࣲ كَانَ مِقۡدَارُهُۥ خَمۡسِينَ أَلۡفَ سَنَةࣲ
आयत 4
अर्थ का अनुवादजिसकी तरफ फ़रिश्ते और रूहुल अमीन चढ़ते हैं (और ये) एक दिन में इतनी मुसाफ़त तय करते हैं जिसका अन्दाज़ा पचास हज़ार बरस का होगा
فَٱصۡبِرۡ صَبۡرࣰ ا جَمِيلًا
आयत 5
अर्थ का अनुवादतो तुम अच्छी तरह इन तक़लीफों को बरदाश्त करते रहो
إِنَّهُمۡ يَرَوۡنَهُۥ بَعِيدࣰ ا
आयत 6
अर्थ का अनुवादवह (क़यामत) उनकी निगाह में बहुत दूर है
وَنَرَىٰهُ قَرِيبࣰ ا
आयत 7
अर्थ का अनुवादऔर हमारी नज़र में नज़दीक है
يَوۡمَ تَكُونُ ٱلسَّمَآءُ كَٱلۡمُهۡلِ
आयत 8
अर्थ का अनुवादजिस दिन आसमान पिघले हुए ताँबे का सा हो जाएगा
وَتَكُونُ ٱلۡجِبَالُ كَٱلۡعِهۡنِ
आयत 9
अर्थ का अनुवादऔर पहाड़ धुनके हुए ऊन का सा
وَلَا يَسۡـَٔلُ حَمِيمٌ حَمِيمࣰ ا
आयत 10
अर्थ का अनुवादबावजूद कि एक दूसरे को देखते होंगे
يُبَصَّرُونَهُمۡۚ يَوَدُّ ٱلۡمُجۡرِمُ لَوۡ يَفۡتَدِي مِنۡ عَذَابِ يَوۡمِئِذِۭ بِبَنِيهِ
आयत 11
अर्थ का अनुवादकोई किसी दोस्त को न पूछेगा गुनेहगार तो आरज़ू करेगा कि काश उस दिन के अज़ाब के बदले उसके बेटों
وَصَٰحِبَتِهِۦ وَأَخِيهِ
आयत 12
अर्थ का अनुवादऔर उसकी बीवी और उसके भाई
وَفَصِيلَتِهِ ٱلَّتِي تُـٔۡوِيهِ
आयत 13
अर्थ का अनुवादऔर उसके कुनबे को जिसमें वह रहता था
وَمَن فِي ٱلۡأَرۡضِ جَمِيعࣰ ا ثُمَّ يُنجِيهِ
आयत 14
अर्थ का अनुवादऔर जितने आदमी ज़मीन पर हैं सब को ले ले और उसको छुटकारा दे दें
كَلَّآۖ إِنَّهَا لَظَىٰ
आयत 15
अर्थ का अनुवाद(मगर) ये हरगिज़ न होगा
نَزَّاعَةࣰ لِّلشَّوَىٰ
आयत 16
अर्थ का अनुवादजहन्नुम की वह भड़कती आग है कि खाल उधेड़ कर रख देगी
تَدۡعُواْ مَنۡ أَدۡبَرَ وَتَوَلَّىٰ
आयत 17
अर्थ का अनुवाद(और) उन लोगों को अपनी तरफ बुलाती होगी
وَجَمَعَ فَأَوۡعَىٰٓ
आयत 18
अर्थ का अनुवादजिन्होंने (दीन से) पीठ फेरी और मुँह मोड़ा और (माल जमा किया)
۞إِنَّ ٱلۡإِنسَٰنَ خُلِقَ هَلُوعًا
आयत 19
अर्थ का अनुवादऔर बन्द कर रखा बेशक इन्सान बड़ा लालची पैदा हुआ है
إِذَا مَسَّهُ ٱلشَّرُّ جَزُوعࣰ ا
आयत 20
अर्थ का अनुवादजब उसे तक़लीफ छू भी गयी तो घबरा गया
وَإِذَا مَسَّهُ ٱلۡخَيۡرُ مَنُوعًا
आयत 21
अर्थ का अनुवादऔर जब उसे ज़रा फराग़ी हासिल हुई तो बख़ील बन बैठा
إِلَّا ٱلۡمُصَلِّينَ
आयत 22
अर्थ का अनुवादमगर जो लोग नमाज़ पढ़ते हैं
ٱلَّذِينَ هُمۡ عَلَىٰ صَلَاتِهِمۡ دَآئِمُونَ
आयत 23
अर्थ का अनुवादजो अपनी नमाज़ का इल्तज़ाम रखते हैं
وَٱلَّذِينَ فِيٓ أَمۡوَٰلِهِمۡ حَقࣱّ مَّعۡلُومࣱ
आयत 24
अर्थ का अनुवादऔर जिनके माल में माँगने वाले और न माँगने वाले के
لِّلسَّآئِلِ وَٱلۡمَحۡرُومِ
आयत 25
अर्थ का अनुवादलिए एक मुक़र्रर हिस्सा है
وَٱلَّذِينَ يُصَدِّقُونَ بِيَوۡمِ ٱلدِّينِ
आयत 26
अर्थ का अनुवादऔर जो लोग रोज़े जज़ा की तस्दीक़ करते हैं
وَٱلَّذِينَ هُم مِّنۡ عَذَابِ رَبِّهِم مُّشۡفِقُونَ
आयत 27
अर्थ का अनुवादऔर जो लोग अपने परवरदिगार के अज़ाब से डरते रहते हैं
إِنَّ عَذَابَ رَبِّهِمۡ غَيۡرُ مَأۡمُونࣲ
आयत 28
अर्थ का अनुवादबेशक उनको परवरदिगार के अज़ाब से बेख़ौफ न होना चाहिए
وَٱلَّذِينَ هُمۡ لِفُرُوجِهِمۡ حَٰفِظُونَ
आयत 29
अर्थ का अनुवादऔर जो लोग अपनी शर्मगाहों को अपनी बीवियों और अपनी लौन्डियों के सिवा से हिफाज़त करते हैं
إِلَّا عَلَىٰٓ أَزۡوَٰجِهِمۡ أَوۡ مَا مَلَكَتۡ أَيۡمَٰنُهُمۡ فَإِنَّهُمۡ غَيۡرُ مَلُومِينَ
आयत 30
अर्थ का अनुवादतो इन लोगों की हरगिज़ मलामत न की जाएगी
فَمَنِ ٱبۡتَغَىٰ وَرَآءَ ذَٰلِكَ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡعَادُونَ
आयत 31
अर्थ का अनुवादतो जो लोग उनके सिवा और के ख़ास्तगार हों तो यही लोग हद से बढ़ जाने वाले हैं
وَٱلَّذِينَ هُمۡ لِأَمَٰنَٰتِهِمۡ وَعَهۡدِهِمۡ رَٰعُونَ
आयत 32
अर्थ का अनुवादऔर जो लोग अपनी अमानतों और अहदों का लेहाज़ रखते हैं
وَٱلَّذِينَ هُم بِشَهَٰدَٰتِهِمۡ قَآئِمُونَ
आयत 33
अर्थ का अनुवादऔर जो लोग अपनी यहादतों पर क़ायम रहते हैं
وَٱلَّذِينَ هُمۡ عَلَىٰ صَلَاتِهِمۡ يُحَافِظُونَ
आयत 34
अर्थ का अनुवादऔर जो लोग अपनी नमाज़ो का ख्याल रखते हैं
أُوْلَٰٓئِكَ فِي جَنَّٰتࣲ مُّكۡرَمُونَ
आयत 35
अर्थ का अनुवादयही लोग बेहिश्त के बाग़ों में इज्ज़त से रहेंगे
فَمَالِ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ قِبَلَكَ مُهۡطِعِينَ
आयत 36
अर्थ का अनुवादतो (ऐ रसूल) काफिरों को क्या हो गया है
عَنِ ٱلۡيَمِينِ وَعَنِ ٱلشِّمَالِ عِزِينَ
आयत 37
अर्थ का अनुवादकि तुम्हारे पास गिरोह गिरोह दाहिने से बाएँ से दौड़े चले आ रहे हैं
أَيَطۡمَعُ كُلُّ ٱمۡرِيࣲٕ مِّنۡهُمۡ أَن يُدۡخَلَ جَنَّةَ نَعِيمࣲ
आयत 38
अर्थ का अनुवादक्या इनमें से हर शख़्श इस का मुतमइनी है कि चैन के बाग़ (बेहिश्त) में दाख़िल होगा
كَلَّآۖ إِنَّا خَلَقۡنَٰهُم مِّمَّا يَعۡلَمُونَ
आयत 39
अर्थ का अनुवादहरगिज़ नहीं हमने उनको जिस (गन्दी) चीज़ से पैदा किया ये लोग जानते हैं
فَلَآ أُقۡسِمُ بِرَبِّ ٱلۡمَشَٰرِقِ وَٱلۡمَغَٰرِبِ إِنَّا لَقَٰدِرُونَ
आयत 40
अर्थ का अनुवादतो मैं मशरिकों और मग़रिबों के परवरदिगार की क़सम खाता हूँ कि हम ज़रूर इस बात की कुदरत रखते हैं
عَلَىٰٓ أَن نُّبَدِّلَ خَيۡرࣰ ا مِّنۡهُمۡ وَمَا نَحۡنُ بِمَسۡبُوقِينَ
आयत 41
अर्थ का अनुवादकि उनके बदले उनसे बेहतर लोग ला (बसाएँ) और हम आजिज़ नहीं हैं
فَذَرۡهُمۡ يَخُوضُواْ وَيَلۡعَبُواْ حَتَّىٰ يُلَٰقُواْ يَوۡمَهُمُ ٱلَّذِي يُوعَدُونَ
आयत 42
अर्थ का अनुवादतो तुम उनको छोड़ दो कि बातिल में पड़े खेलते रहें यहाँ तक कि जिस दिन का उनसे वायदा किया जाता है उनके सामने आ मौजूद हो
يَوۡمَ يَخۡرُجُونَ مِنَ ٱلۡأَجۡدَاثِ سِرَاعࣰ ا كَأَنَّهُمۡ إِلَىٰ نُصُبࣲ يُوفِضُونَ
आयत 43
अर्थ का अनुवादउसी दिन ये लोग कब्रों से निकल कर इस तरह दौड़ेंगे गोया वह किसी झन्डे की तरफ दौड़े चले जाते हैं
خَٰشِعَةً أَبۡصَٰرُهُمۡ تَرۡهَقُهُمۡ ذِلَّةࣱۚ ذَٰلِكَ ٱلۡيَوۡمُ ٱلَّذِي كَانُواْ يُوعَدُونَ
आयत 44
अर्थ का अनुवाद(निदामत से) उनकी ऑंखें झुकी होंगी उन पर रूसवाई छाई हुई होगी ये वही दिन है जिसका उनसे वायदा किया जाता था