وَٱلصَّٰٓفَّٰتِ صَفࣰّ ا
आयत 1
अर्थ का अनुवाद(इबादत या जिहाद में) पर बाँधने वालों की (क़सम)
سُوْرَةُ الصَّافَّاتِ
सूरह 37आयतें 182 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 23–23
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
وَٱلصَّٰٓفَّٰتِ صَفࣰّ ا
आयत 1
अर्थ का अनुवाद(इबादत या जिहाद में) पर बाँधने वालों की (क़सम)
فَٱلزَّٰجِرَٰتِ زَجۡرࣰ ا
आयत 2
अर्थ का अनुवादफिर (बदों को बुराई से) झिड़क कर डाँटने वाले की (क़सम)
فَٱلتَّٰلِيَٰتِ ذِكۡرًا
आयत 3
अर्थ का अनुवादफिर कुरान पढ़ने वालों की क़सम है
إِنَّ إِلَٰهَكُمۡ لَوَٰحِدࣱ
आयत 4
अर्थ का अनुवादतुम्हारा माबूद (यक़ीनी) एक ही है
رَّبُّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَا وَرَبُّ ٱلۡمَشَٰرِقِ
आयत 5
अर्थ का अनुवादजो सारे आसमान ज़मीन का और जो कुछ इन दोनों के दरमियान है (सबका) परवरदिगार है
إِنَّا زَيَّنَّا ٱلسَّمَآءَ ٱلدُّنۡيَا بِزِينَةٍ ٱلۡكَوَاكِبِ
आयत 6
अर्थ का अनुवादऔर (चाँद सूरज तारे के) तुलूउ व (गुरूब) के मक़ामात का भी मालिक है हम ही ने नीचे वाले आसमान को तारों की आरइश (जगमगाहट) से आरास्ता किया
وَحِفۡظࣰ ا مِّن كُلِّ شَيۡطَٰنࣲ مَّارِدࣲ
आयत 7
अर्थ का अनुवादऔर (तारों को) हर सरकश शैतान से हिफ़ाज़त के वास्ते (भी पैदा किया)
لَّا يَسَّمَّعُونَ إِلَى ٱلۡمَلَإِ ٱلۡأَعۡلَىٰ وَيُقۡذَفُونَ مِن كُلِّ جَانِبࣲ
आयत 8
अर्थ का अनुवादकि अब शैतान आलमे बाला की तरफ़ कान भी नहीं लगा सकते और (जहाँ सुन गुन लेना चाहा तो) हर तरफ़ से खदेड़ने के लिए शहाब फेके जाते हैं
دُحُورࣰ اۖ وَلَهُمۡ عَذَابࣱ وَاصِبٌ
आयत 9
अर्थ का अनुवादऔर उनके लिए पाएदार अज़ाब है
إِلَّا مَنۡ خَطِفَ ٱلۡخَطۡفَةَ فَأَتۡبَعَهُۥ شِهَابࣱ ثَاقِبࣱ
आयत 10
अर्थ का अनुवादमगर जो (शैतान शाज़ व नादिर फरिश्तों की) कोई बात उचक ले भागता है तो आग का दहकता हुआ तीर उसका पीछा करता है
فَٱسۡتَفۡتِهِمۡ أَهُمۡ أَشَدُّ خَلۡقًا أَم مَّنۡ خَلَقۡنَآۚ إِنَّا خَلَقۡنَٰهُم مِّن طِينࣲ لَّازِبِۭ
आयत 11
अर्थ का अनुवादतो (ऐ रसूल) तुम उनसे पूछो तो कि उनका पैदा करना ज्यादा दुश्वार है या उन (मज़कूरा) चीज़ों का जिनको हमने पैदा किया हमने तो उन लोगों को लसदार मिट्टी से पैदा किया
بَلۡ عَجِبۡتَ وَيَسۡخَرُونَ
आयत 12
अर्थ का अनुवादबल्कि तुम (उन कुफ्फ़ार के इन्कार पर) ताज्जुब करते हो और वह लोग (तुमसे) मसख़रापन करते हैं
وَإِذَا ذُكِّرُواْ لَا يَذۡكُرُونَ
आयत 13
अर्थ का अनुवादऔर जब उन्हें समझाया जाता है तो समझते नहीं हैं
وَإِذَا رَأَوۡاْ ءَايَةࣰ يَسۡتَسۡخِرُونَ
आयत 14
अर्थ का अनुवादऔर जब किसी मौजिजे क़ो देखते हैं तो (उससे) मसख़रापन करते हैं
وَقَالُوٓاْ إِنۡ هَٰذَآ إِلَّا سِحۡرࣱ مُّبِينٌ
आयत 15
अर्थ का अनुवादऔर कहते हैं कि ये तो बस खुला हुआ जादू है
أَءِذَا مِتۡنَا وَكُنَّا تُرَابࣰ ا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَبۡعُوثُونَ
आयत 16
अर्थ का अनुवादभला जब हम मर जाएँगे और ख़ाक और हड्डियाँ रह जाएँगे
أَوَءَابَآؤُنَا ٱلۡأَوَّلُونَ
आयत 17
अर्थ का अनुवादतो क्या हम या हमारे अगले बाप दादा फिर दोबारा क़ब्रों से उठा खड़े किए जाँएगे
قُلۡ نَعَمۡ وَأَنتُمۡ دَٰخِرُونَ
आयत 18
अर्थ का अनुवाद(ऐ रसूल) तुम कह दो कि हाँ (ज़रूर उठाए जाओगे)
فَإِنَّمَا هِيَ زَجۡرَةࣱ وَٰحِدَةࣱ فَإِذَا هُمۡ يَنظُرُونَ
आयत 19
अर्थ का अनुवादऔर तुम ज़लील होगे और वह (क़यामत) तो एक ललकार होगी फिर तो वह लोग फ़ौरन ही (ऑंखे फाड़-फाड़ के) देखने लगेंगे
وَقَالُواْ يَٰوَيۡلَنَا هَٰذَا يَوۡمُ ٱلدِّينِ
आयत 20
अर्थ का अनुवादऔर कहेंगे हाए अफसोस ये तो क़यामत का दिन है
هَٰذَا يَوۡمُ ٱلۡفَصۡلِ ٱلَّذِي كُنتُم بِهِۦ تُكَذِّبُونَ
आयत 21
अर्थ का अनुवाद(जवाब आएगा) ये वही फैसले का दिन है जिसको तुम लोग (दुनिया में) झूठ समझते थे
۞ٱحۡشُرُواْ ٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ وَأَزۡوَٰجَهُمۡ وَمَا كَانُواْ يَعۡبُدُونَ
आयत 22
अर्थ का अनुवाद(और फ़रिश्तों को हुक्म होगा कि) जो लोग (दुनिया में) सरकशी करते थे उनको और उनके साथियों को और खुदा को छोड़कर जिनकी परसतिश करते हैं
مِن دُونِ ٱللَّهِ فَٱهۡدُوهُمۡ إِلَىٰ صِرَٰطِ ٱلۡجَحِيمِ
आयत 23
अर्थ का अनुवादउनको (सबको) इकट्ठा करो फिर उन्हें जहन्नुम की राह दिखाओ
وَقِفُوهُمۡۖ إِنَّهُم مَّسۡـُٔولُونَ
आयत 24
अर्थ का अनुवादऔर (हाँ ज़रा) उन्हें ठहराओ तो उनसे कुछ पूछना है
مَا لَكُمۡ لَا تَنَاصَرُونَ
आयत 25
अर्थ का अनुवाद(अरे कमबख्तों) अब तुम्हें क्या होगा कि एक दूसरे की मदद नहीं करते
بَلۡ هُمُ ٱلۡيَوۡمَ مُسۡتَسۡلِمُونَ
आयत 26
अर्थ का अनुवाद(जवाब क्या देंगे) बल्कि वह तो आज गर्दन झुकाए हुए हैं
وَأَقۡبَلَ بَعۡضُهُمۡ عَلَىٰ بَعۡضࣲ يَتَسَآءَلُونَ
आयत 27
अर्थ का अनुवादऔर एक दूसरे की तरफ मुतावज्जे होकर बाहम पूछताछ करेंगे
قَالُوٓاْ إِنَّكُمۡ كُنتُمۡ تَأۡتُونَنَا عَنِ ٱلۡيَمِينِ
आयत 28
अर्थ का अनुवाद(और इन्सान शयातीन से) कहेंगे कि तुम ही तो हमारी दाहिनी तरफ से (हमें बहकाने को) चढ़ आते थे
قَالُواْ بَل لَّمۡ تَكُونُواْ مُؤۡمِنِينَ
आयत 29
अर्थ का अनुवादवह जवाब देगें (हम क्या जानें) तुम तो खुद ईमान लाने वाले न थे
وَمَا كَانَ لَنَا عَلَيۡكُم مِّن سُلۡطَٰنِۭۖ بَلۡ كُنتُمۡ قَوۡمࣰ ا طَٰغِينَ
आयत 30
अर्थ का अनुवादऔर (साफ़ तो ये है कि) हमारी तुम पर कुछ हुकूमत तो थी नहीं बल्कि तुम खुद सरकश लोग थे
فَحَقَّ عَلَيۡنَا قَوۡلُ رَبِّنَآۖ إِنَّا لَذَآئِقُونَ
आयत 31
अर्थ का अनुवादफिर अब तो लोगों पर हमारे परवरदिगार का (अज़ाब का) क़ौल पूरा हो गया कि अब हम सब यक़ीनन अज़ाब का मज़ा चखेंगे
فَأَغۡوَيۡنَٰكُمۡ إِنَّا كُنَّا غَٰوِينَ
आयत 32
अर्थ का अनुवादहम खुद गुमराह थे तो तुम को भी गुमराह किया
فَإِنَّهُمۡ يَوۡمَئِذࣲ فِي ٱلۡعَذَابِ مُشۡتَرِكُونَ
आयत 33
अर्थ का अनुवादग़रज़ ये लोग सब के सब उस दिन अज़ाब में शरीक होगें
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَفۡعَلُ بِٱلۡمُجۡرِمِينَ
आयत 34
अर्थ का अनुवादऔर हम तो गुनाहगारों के साथ यूँ ही किया करते हैं ये लोग ऐसे (शरीर) थे
إِنَّهُمۡ كَانُوٓاْ إِذَا قِيلَ لَهُمۡ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا ٱللَّهُ يَسۡتَكۡبِرُونَ
आयत 35
अर्थ का अनुवादकि जब उनसे कहा जाता था कि खुदा के सिवा कोई माबूद नहीं तो अकड़ा करते थे
وَيَقُولُونَ أَئِنَّا لَتَارِكُوٓاْ ءَالِهَتِنَا لِشَاعِرࣲ مَّجۡنُونِۭ
आयत 36
अर्थ का अनुवादऔर ये लोग कहते थे कि क्या एक पागल शायर के लिए हम अपने माबूदों को छोड़ बैठें (अरे कम्बख्तों ये शायर या पागल नहीं)
بَلۡ جَآءَ بِٱلۡحَقِّ وَصَدَّقَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
आयत 37
अर्थ का अनुवादबल्कि ये तो हक़ बात लेकर आया है और (अगले) पैग़म्बरों की तसदीक़ करता है
إِنَّكُمۡ لَذَآئِقُواْ ٱلۡعَذَابِ ٱلۡأَلِيمِ
आयत 38
अर्थ का अनुवादतुम लोग (अगर न मानोगे) तो ज़रूर दर्दनाक अज़ाब का मज़ा चखोगे
وَمَا تُجۡزَوۡنَ إِلَّا مَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ
आयत 39
अर्थ का अनुवादऔर तुम्हें तो उसके किये का बदला दिया जाएगा जो (जो दुनिया में) करते रहे
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
आयत 40
अर्थ का अनुवादमगर खुदा के बरगुजीदा बन्दे
أُوْلَٰٓئِكَ لَهُمۡ رِزۡقࣱ مَّعۡلُومࣱ
आयत 41
अर्थ का अनुवादउनके वास्ते (बेहिश्त में) एक मुक़र्रर रोज़ी होगी
فَوَٰكِهُ وَهُم مُّكۡرَمُونَ
आयत 42
अर्थ का अनुवाद(और वह भी ऐसी वैसी नहीं) हर क़िस्म के मेवे
فِي جَنَّٰتِ ٱلنَّعِيمِ
आयत 43
अर्थ का अनुवादऔर वह लोग बड़ी इज्ज़त से नेअमत के (लदे हुए)
عَلَىٰ سُرُرࣲ مُّتَقَٰبِلِينَ
आयत 44
अर्थ का अनुवादबाग़ों में तख्तों पर (चैन से) आमने सामने बैठे होगे
يُطَافُ عَلَيۡهِم بِكَأۡسࣲ مِّن مَّعِينِۭ
आयत 45
अर्थ का अनुवादउनमें साफ सफेद बुर्राक़ शराब के जाम का दौर चल रहा होगा
بَيۡضَآءَ لَذَّةࣲ لِّلشَّٰرِبِينَ
आयत 46
अर्थ का अनुवादजो पीने वालों को बड़ा मज़ा देगी
لَا فِيهَا غَوۡلࣱ وَلَا هُمۡ عَنۡهَا يُنزَفُونَ
आयत 47
अर्थ का अनुवाद(और फिर) न उस शराब में ख़ुमार की वजह से) दर्द सर होगा और न वह उस (के पीने) से मतवाले होंगे
وَعِندَهُمۡ قَٰصِرَٰتُ ٱلطَّرۡفِ عِينࣱ
आयत 48
अर्थ का अनुवादऔर उनके पहलू में (शर्म से) नीची निगाहें करने वाली बड़ी बड़ी ऑंखों वाली परियाँ होगी
كَأَنَّهُنَّ بَيۡضࣱ مَّكۡنُونࣱ
आयत 49
अर्थ का अनुवाद(उनकी) गोरी-गोरी रंगतों में हल्की सी सुर्ख़ी ऐसी झलकती होगी
فَأَقۡبَلَ بَعۡضُهُمۡ عَلَىٰ بَعۡضࣲ يَتَسَآءَلُونَ
आयत 50
अर्थ का अनुवादगोया वह अन्डे हैं जो छिपाए हुए रखे हो
قَالَ قَآئِلࣱ مِّنۡهُمۡ إِنِّي كَانَ لِي قَرِينࣱ
आयत 51
अर्थ का अनुवादफिर एक दूसरे की तरफ मुतावज्जे पाकर बाहम बातचीत करते करते उनमें से एक कहने वाला बोल उठेगा कि (दुनिया में) मेरा एक दोस्त था
يَقُولُ أَءِنَّكَ لَمِنَ ٱلۡمُصَدِّقِينَ
आयत 52
अर्थ का अनुवादऔर (मुझसे) कहा करता था कि क्या तुम भी क़यामत की तसदीक़ करने वालों में हो
أَءِذَا مِتۡنَا وَكُنَّا تُرَابࣰ ا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَدِينُونَ
आयत 53
अर्थ का अनुवाद(भला जब हम मर जाएँगे) और (सड़ गल कर) मिट्टी और हव्ी (होकर) रह जाएँगे तो क्या हमको दोबारा ज़िन्दा करके हमारे (आमाल का) बदला दिया जाएगा
قَالَ هَلۡ أَنتُم مُّطَّلِعُونَ
आयत 54
अर्थ का अनुवादफिर अपने बेहश्त के साथियों से कहेगा
فَٱطَّلَعَ فَرَءَاهُ فِي سَوَآءِ ٱلۡجَحِيمِ
आयत 55
अर्थ का अनुवादतो क्या तुम लोग भी (मेरे साथ उसे झांक कर देखोगे) ग़रज़ झाँका तो उसे बीच जहन्नुम में (पड़ा हुआ) देखा
قَالَ تَٱللَّهِ إِن كِدتَّ لَتُرۡدِينِ
आयत 56
अर्थ का अनुवाद(ये देख कर बेसाख्ता) बोल उठेगा कि खुदा की क़सम तुम तो मुझे भी तबाह करने ही को थे
وَلَوۡلَا نِعۡمَةُ رَبِّي لَكُنتُ مِنَ ٱلۡمُحۡضَرِينَ
आयत 57
अर्थ का अनुवादऔर अगर मेरे परवरदिगार का एहसान न होता तो मैं भी (इस वक्त) तेरी तरह जहन्नुम में गिरफ्तार किया गया होता
أَفَمَا نَحۡنُ بِمَيِّتِينَ
आयत 58
अर्थ का अनुवाद(अब बताओ) क्या (मैं तुम से न कहता था) कि हम को इस पहली मौत के सिवा फिर मरना नहीं है
إِلَّا مَوۡتَتَنَا ٱلۡأُولَىٰ وَمَا نَحۡنُ بِمُعَذَّبِينَ
आयत 59
अर्थ का अनुवादऔर न हम पर (आख़ेरत) में अज़ाब होगा
إِنَّ هَٰذَا لَهُوَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡعَظِيمُ
आयत 60
अर्थ का अनुवाद(तो तुम्हें यक़ीन न होता था) ये यक़ीनी बहुत बड़ी कामयाबी है
لِمِثۡلِ هَٰذَا فَلۡيَعۡمَلِ ٱلۡعَٰمِلُونَ
आयत 61
अर्थ का अनुवादऐसी (ही कामयाबी) के वास्ते काम करने वालों को कारगुज़ारी करनी चाहिए
أَذَٰلِكَ خَيۡرࣱ نُّزُلًا أَمۡ شَجَرَةُ ٱلزَّقُّومِ
आयत 62
अर्थ का अनुवादभला मेहमानी के वास्ते ये (सामान) बेहतर है या थोहड़ का दरख्त (जो जहन्नुमियों के वास्ते होगा)
إِنَّا جَعَلۡنَٰهَا فِتۡنَةࣰ لِّلظَّٰلِمِينَ
आयत 63
अर्थ का अनुवादजिसे हमने यक़ीनन ज़ालिमों की आज़माइश के लिए बनाया है
إِنَّهَا شَجَرَةࣱ تَخۡرُجُ فِيٓ أَصۡلِ ٱلۡجَحِيمِ
आयत 64
अर्थ का अनुवादये वह दरख्त हैं जो जहन्नुम की तह में उगता है
طَلۡعُهَا كَأَنَّهُۥ رُءُوسُ ٱلشَّيَٰطِينِ
आयत 65
अर्थ का अनुवादउसके फल ऐसे (बदनुमा) हैं गोया (हू बहू) साँप के फन जिसे छूते दिल डरे
فَإِنَّهُمۡ لَأٓكِلُونَ مِنۡهَا فَمَالِـُٔونَ مِنۡهَا ٱلۡبُطُونَ
आयत 66
अर्थ का अनुवादफिर ये (जहन्नुमी लोग) यक़ीनन उसमें से खाएँगे फिर उसी से अपने पेट भरेंगे
ثُمَّ إِنَّ لَهُمۡ عَلَيۡهَا لَشَوۡبࣰ ا مِّنۡ حَمِيمࣲ
आयत 67
अर्थ का अनुवादफिर उसके ऊपर से उन को खूब खौलता हुआ पानी (पीप वग़ैरह में) मिला मिलाकर पीने को दिया जाएगा
ثُمَّ إِنَّ مَرۡجِعَهُمۡ لَإِلَى ٱلۡجَحِيمِ
आयत 68
अर्थ का अनुवादफिर (खा पीकर) उनको जहन्नुम की तरफ यक़ीनन लौट जाना होगा
إِنَّهُمۡ أَلۡفَوۡاْ ءَابَآءَهُمۡ ضَآلِّينَ
आयत 69
अर्थ का अनुवादउन लोगों ने अपन बाप दादा को गुमराह पाया था
فَهُمۡ عَلَىٰٓ ءَاثَٰرِهِمۡ يُهۡرَعُونَ
आयत 70
अर्थ का अनुवादये लोग भी उनके पीछे दौड़े चले जा रहे हैं
وَلَقَدۡ ضَلَّ قَبۡلَهُمۡ أَكۡثَرُ ٱلۡأَوَّلِينَ
आयत 71
अर्थ का अनुवादऔर उनके क़ब्ल अगलों में से बहुतेरे गुमराह हो चुके
وَلَقَدۡ أَرۡسَلۡنَا فِيهِم مُّنذِرِينَ
आयत 72
अर्थ का अनुवादउन लोगों के डराने वाले (पैग़म्बरों) को भेजा था
فَٱنظُرۡ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلۡمُنذَرِينَ
आयत 73
अर्थ का अनुवादज़रा देखो तो कि जो लोग डराए जा चुके थे उनका क्या बुरा अन्जाम हुआ
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
आयत 74
अर्थ का अनुवादमगर (हाँ) खुदा के निरे खरे बन्दे (महफूज़ रहे)
وَلَقَدۡ نَادَىٰنَا نُوحࣱ فَلَنِعۡمَ ٱلۡمُجِيبُونَ
आयत 75
अर्थ का अनुवादऔर नूह ने (अपनी कौम से मायूस होकर) हमें ज़रूर पुकारा था (देखो हम) क्या खूब जवाब देने वाले थे
وَنَجَّيۡنَٰهُ وَأَهۡلَهُۥ مِنَ ٱلۡكَرۡبِ ٱلۡعَظِيمِ
आयत 76
अर्थ का अनुवादऔर हमने उनको और उनके लड़के वालों को बड़ी (सख्त) मुसीबत से नजात दी
وَجَعَلۡنَا ذُرِّيَّتَهُۥ هُمُ ٱلۡبَاقِينَ
आयत 77
अर्थ का अनुवादऔर हमने (उनमें वह बरकत दी कि) उनकी औलाद को (दुनिया में) बरक़रार रखा
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ
आयत 78
अर्थ का अनुवादऔर बाद को आने वाले लोगों में उनका अच्छा चर्चा बाक़ी रखा
سَلَٰمٌ عَلَىٰ نُوحࣲ فِي ٱلۡعَٰلَمِينَ
आयत 79
अर्थ का अनुवादकि सारी खुदायी में (हर तरफ से) नूह पर सलाम है
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
आयत 80
अर्थ का अनुवादहम नेकी करने वालों को यूँ जज़ाए ख़ैर अता फरमाते हैं
إِنَّهُۥ مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
आयत 81
अर्थ का अनुवादइसमें शक नहीं कि नूह हमारे (ख़ास) ईमानदार बन्दों से थे
ثُمَّ أَغۡرَقۡنَا ٱلۡأٓخَرِينَ
आयत 82
अर्थ का अनुवादफिर हमने बाक़ी लोगों को डुबो दिया
۞وَإِنَّ مِن شِيعَتِهِۦ لَإِبۡرَٰهِيمَ
आयत 83
अर्थ का अनुवादऔर यक़ीनन उन्हीं के तरीक़ो पर चलने वालों में इबराहीम (भी) ज़रूर थे
إِذۡ جَآءَ رَبَّهُۥ بِقَلۡبࣲ سَلِيمٍ
आयत 84
अर्थ का अनुवादजब वह अपने परवरदिगार (कि इबादत) की तरफ (पहलू में) ऐसा दिल लिए हुए बढ़े जो (हर ऐब से पाक था)
إِذۡ قَالَ لِأَبِيهِ وَقَوۡمِهِۦ مَاذَا تَعۡبُدُونَ
आयत 85
अर्थ का अनुवादजब उन्होंने अपने (मुँह बोले) बाप और अपनी क़ौम से कहा कि तुम लोग किस चीज़ की परसतिश करते हो
أَئِفۡكًا ءَالِهَةࣰ دُونَ ٱللَّهِ تُرِيدُونَ
आयत 86
अर्थ का अनुवादक्या खुदा को छोड़कर दिल से गढ़े हुए माबूदों की तमन्ना रखते हो
فَمَا ظَنُّكُم بِرَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
आयत 87
अर्थ का अनुवादफिर सारी खुदाई के पालने वाले के साथ तुम्हारा क्या ख्याल है
فَنَظَرَ نَظۡرَةࣰ فِي ٱلنُّجُومِ
आयत 88
अर्थ का अनुवादफिर (एक ईद में उन लोगों ने चलने को कहा) तो इबराहीम ने सितारों की तरफ़ एक नज़र देखा
فَقَالَ إِنِّي سَقِيمࣱ
आयत 89
अर्थ का अनुवादऔर कहा कि मैं (अनक़रीब) बीमार पड़ने वाला हूँ
فَتَوَلَّوۡاْ عَنۡهُ مُدۡبِرِينَ
आयत 90
अर्थ का अनुवादतो वह लोग इबराहीम के पास से पीठ फेर फेर कर हट गए
فَرَاغَ إِلَىٰٓ ءَالِهَتِهِمۡ فَقَالَ أَلَا تَأۡكُلُونَ
आयत 91
अर्थ का अनुवाद(बस) फिर तो इबराहीम चुपके से उनके बुतों की तरफ मुतावज्जे हुए और (तान से) कहा तुम्हारे सामने इतने चढ़ाव रखते हैं
مَا لَكُمۡ لَا تَنطِقُونَ
आयत 92
अर्थ का अनुवादआख़िर तुम खाते क्यों नहीं (अरे तुम्हें क्या हो गया है)
فَرَاغَ عَلَيۡهِمۡ ضَرۡبَۢا بِٱلۡيَمِينِ
आयत 93
अर्थ का अनुवादकि तुम बोलते तक नहीं
فَأَقۡبَلُوٓاْ إِلَيۡهِ يَزِفُّونَ
आयत 94
अर्थ का अनुवादफिर तो इबराहीम दाहिने हाथ से मारते हुए उन पर पिल पड़े (और तोड़-फोड़ कर एक बड़े बुत के गले में कुल्हाड़ी डाल दी)
قَالَ أَتَعۡبُدُونَ مَا تَنۡحِتُونَ
आयत 95
अर्थ का अनुवादजब उन लोगों को ख़बर हुई तो इबराहीम के पास दौड़ते हुए पहुँचे
وَٱللَّهُ خَلَقَكُمۡ وَمَا تَعۡمَلُونَ
आयत 96
अर्थ का अनुवादइबराहीम ने कहा (अफ़सोस) तुम लोग उसकी परसतिश करते हो जिसे तुम लोग खुद तराश कर बनाते हो
قَالُواْ ٱبۡنُواْ لَهُۥ بُنۡيَٰنࣰ ا فَأَلۡقُوهُ فِي ٱلۡجَحِيمِ
आयत 97
अर्थ का अनुवादहालाँकि तुमको और जिसको तुम लोग बनाते हो (सबको) खुदा ही ने पैदा किया है (ये सुनकर) वह लोग (आपस में कहने लगे) इसके लिए (भट्टी की सी) एक इमारत बनाओ
فَأَرَادُواْ بِهِۦ كَيۡدࣰ ا فَجَعَلۡنَٰهُمُ ٱلۡأَسۡفَلِينَ
आयत 98
अर्थ का अनुवादऔर (उसमें आग सुलगा कर उसी दहकती हुई आग में इसको डाल दो) फिर उन लोगों ने इबराहीम के साथ मक्कारी करनी चाही
وَقَالَ إِنِّي ذَاهِبٌ إِلَىٰ رَبِّي سَيَهۡدِينِ
आयत 99
अर्थ का अनुवादतो हमने (आग सर्द गुलज़ार करके) उन्हें नीचा दिखाया और जब (आज़र ने) इबराहीम को निकाल दिया तो बोले मैं अपने परवरदिगार की तरफ जाता हूँ
رَبِّ هَبۡ لِي مِنَ ٱلصَّٰلِحِينَ
आयत 100
अर्थ का अनुवादवह अनक़रीब ही मुझे रूबरा कर देगा (फिर ग़रज की) परवरदिगार मुझे एक नेको कार (फरज़न्द) इनायत फरमा
فَبَشَّرۡنَٰهُ بِغُلَٰمٍ حَلِيمࣲ
आयत 101
अर्थ का अनुवादतो हमने उनको एक बड़े नरम दिले लड़के (के पैदा होने की) खुशख़बरी दी
فَلَمَّا بَلَغَ مَعَهُ ٱلسَّعۡيَ قَالَ يَٰبُنَيَّ إِنِّيٓ أَرَىٰ فِي ٱلۡمَنَامِ أَنِّيٓ أَذۡبَحُكَ فَٱنظُرۡ مَاذَا تَرَىٰۚ قَالَ يَٰٓأَبَتِ ٱفۡعَلۡ مَا تُؤۡمَرُۖ سَتَجِدُنِيٓ إِن شَآءَ ٱللَّهُ مِنَ ٱلصَّٰبِرِينَ
आयत 102
अर्थ का अनुवादफिर जब इस्माईल अपने बाप के साथ दौड़ धूप करने लगा तो (एक दफा) इबराहीम ने कहा बेटा खूब मैं (वही के ज़रिये क्या) देखता हूँ कि मैं तो खुद तुम्हें ज़िबाह कर रहा हूँ तो तुम भी ग़ौर करो तुम्हारी इसमें क्या राय है इसमाईल ने कहा अब्बा जान जो आपको हुक्म हुआ है उसको (बे तअम्मुल) कीजिए अगर खुदा ने चाहा तो मुझे आप सब्र करने वालों में से पाएगे
فَلَمَّآ أَسۡلَمَا وَتَلَّهُۥ لِلۡجَبِينِ
आयत 103
अर्थ का अनुवादफिर जब दोनों ने ये ठान ली और बाप ने बेटे को (ज़िबाह करने के लिए) माथे के बल लिटाया
وَنَٰدَيۡنَٰهُ أَن يَٰٓإِبۡرَٰهِيمُ
आयत 104
अर्थ का अनुवादऔर हमने (आमादा देखकर) आवाज़ दी ऐ इबराहीम
قَدۡ صَدَّقۡتَ ٱلرُّءۡيَآۚ إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
आयत 105
अर्थ का अनुवादतुमने अपने ख्वाब को सच कर दिखाया अब तुम दोनों को बड़े मरतबे मिलेगें हम नेकी करने वालों को यूँ जज़ाए ख़ैर देते हैं
إِنَّ هَٰذَا لَهُوَ ٱلۡبَلَٰٓؤُاْ ٱلۡمُبِينُ
आयत 106
अर्थ का अनुवादइसमें शक नहीं कि ये यक़ीनी बड़ा सख्त और सरीही इम्तिहान था
وَفَدَيۡنَٰهُ بِذِبۡحٍ عَظِيمࣲ
आयत 107
अर्थ का अनुवादऔर हमने इस्माईल का फ़िदया एक ज़िबाहे अज़ीम (बड़ी कुर्बानी) क़रार दिया
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ
आयत 108
अर्थ का अनुवादऔर हमने उनका अच्छा चर्चा बाद को आने वालों में बाक़ी रखा है
سَلَٰمٌ عَلَىٰٓ إِبۡرَٰهِيمَ
आयत 109
अर्थ का अनुवादकि (सारी खुदायी में) इबराहीम पर सलाम (ही सलाम) हैं
كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
आयत 110
अर्थ का अनुवादहम यूँ नेकी करने वालों को जज़ाए ख़ैर देते हैं
إِنَّهُۥ مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
आयत 111
अर्थ का अनुवादबेशक इबराहीम हमारे (ख़ास) ईमानदार बन्दों में थे
وَبَشَّرۡنَٰهُ بِإِسۡحَٰقَ نَبِيࣰّ ا مِّنَ ٱلصَّٰلِحِينَ
आयत 112
अर्थ का अनुवादऔर हमने इबराहीम को इसहाक़ (के पैदा होने की) खुशख़बरी दी थी
وَبَٰرَكۡنَا عَلَيۡهِ وَعَلَىٰٓ إِسۡحَٰقَۚ وَمِن ذُرِّيَّتِهِمَا مُحۡسِنࣱ وَظَالِمࣱ لِّنَفۡسِهِۦ مُبِينࣱ
आयत 113
अर्थ का अनुवादजो एक नेकोसार नबी थे और हमने खुद इबराहीम पर और इसहाक़ पर अपनी बरकत नाज़िल की और इन दोनों की नस्ल में बाज़ तो नेकोकार और बाज़ (नाफरमानी करके) अपनी जान पर सरीही सितम ढ़ाने वाला
وَلَقَدۡ مَنَنَّا عَلَىٰ مُوسَىٰ وَهَٰرُونَ
आयत 114
अर्थ का अनुवादऔर हमने मूसा और हारून पर बहुत से एहसानात किए हैं
وَنَجَّيۡنَٰهُمَا وَقَوۡمَهُمَا مِنَ ٱلۡكَرۡبِ ٱلۡعَظِيمِ
आयत 115
अर्थ का अनुवादऔर खुद दोनों को और इनकी क़ौम को बड़ी (सख्त) मुसीबत से नजात दी
وَنَصَرۡنَٰهُمۡ فَكَانُواْ هُمُ ٱلۡغَٰلِبِينَ
आयत 116
अर्थ का अनुवादऔर (फिरऔन के मुक़ाबले में) हमने उनकी मदद की तो (आख़िर) यही लोग ग़ालिब रहे
وَءَاتَيۡنَٰهُمَا ٱلۡكِتَٰبَ ٱلۡمُسۡتَبِينَ
आयत 117
अर्थ का अनुवादऔर हमने उन दोनों को एक वाज़ेए उलम तालिब किताब (तौरेत) अता की
وَهَدَيۡنَٰهُمَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلۡمُسۡتَقِيمَ
आयत 118
अर्थ का अनुवादऔर दोनों को सीधी राह की हिदायत फ़रमाई
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِمَا فِي ٱلۡأٓخِرِينَ
आयत 119
अर्थ का अनुवादऔर बाद को आने वालों में उनका ज़िक्रे ख़ैर बाक़ी रखा
سَلَٰمٌ عَلَىٰ مُوسَىٰ وَهَٰرُونَ
आयत 120
अर्थ का अनुवादकि (हर जगह) मूसा और हारून पर सलाम (ही सलाम) है
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
आयत 121
अर्थ का अनुवादहम नेकी करने वालों को यूँ जज़ाए ख़ैर अता फरमाते हैं
إِنَّهُمَا مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
आयत 122
अर्थ का अनुवादबेशक ये दोनों हमारे (ख़ालिस ईमानदार बन्दों में से थे)
وَإِنَّ إِلۡيَاسَ لَمِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
आयत 123
अर्थ का अनुवादऔर इसमें शक नहीं कि इलियास यक़ीनन पैग़म्बरों में से थे
إِذۡ قَالَ لِقَوۡمِهِۦٓ أَلَا تَتَّقُونَ
आयत 124
अर्थ का अनुवादजब उन्होंने अपनी क़ौम से कहा कि तुम लोग (ख़ुदा से) क्यों नहीं डरते
أَتَدۡعُونَ بَعۡلࣰ ا وَتَذَرُونَ أَحۡسَنَ ٱلۡخَٰلِقِينَ
आयत 125
अर्थ का अनुवादक्या तुम लोग बाल (बुत) की परसतिश करते हो और खुदा को छोड़े बैठे हो जो सबसे बेहतर पैदा करने वाला है
ٱللَّهَ رَبَّكُمۡ وَرَبَّ ءَابَآئِكُمُ ٱلۡأَوَّلِينَ
आयत 126
अर्थ का अनुवादऔर (जो) तुम्हारा परवरदिगार और तुम्हारे अगले बाप दादाओं का (भी) परवरदिगार है
فَكَذَّبُوهُ فَإِنَّهُمۡ لَمُحۡضَرُونَ
आयत 127
अर्थ का अनुवादतो उसे लोगों ने झुठला दिया तो ये लोग यक़ीनन (जहन्नुम) में गिरफ्तार किए जाएँगे
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
आयत 128
अर्थ का अनुवादमगर खुदा के निरे खरे बन्दे महफूज़ रहेंगे
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ
आयत 129
अर्थ का अनुवादऔर हमने उनका ज़िक्र ख़ैर बाद को आने वालों में बाक़ी रखा
سَلَٰمٌ عَلَىٰٓ إِلۡ يَاسِينَ
आयत 130
अर्थ का अनुवादकि (हर तरफ से) आले यासीन पर सलाम (ही सलाम) है
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
आयत 131
अर्थ का अनुवादहम यक़ीनन नेकी करने वालों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं
إِنَّهُۥ مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
आयत 132
अर्थ का अनुवादबेशक वह हमारे (ख़ालिस) ईमानदार बन्दों में थे
وَإِنَّ لُوطࣰ ا لَّمِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
आयत 133
अर्थ का अनुवादऔर इसमें भी शक नहीं कि लूत यक़ीनी पैग़म्बरों में से थे
إِذۡ نَجَّيۡنَٰهُ وَأَهۡلَهُۥٓ أَجۡمَعِينَ
आयत 134
अर्थ का अनुवादजब हमने उनको और उनके लड़के वालों सब को नजात दी
إِلَّا عَجُوزࣰ ا فِي ٱلۡغَٰبِرِينَ
आयत 135
अर्थ का अनुवादमगर एक (उनकी) बूढ़ी बीबी जो पीछे रह जाने वालों ही में थीं
ثُمَّ دَمَّرۡنَا ٱلۡأٓخَرِينَ
आयत 136
अर्थ का अनुवादफिर हमने बाक़ी लोगों को तबाह व बर्बाद कर दिया
وَإِنَّكُمۡ لَتَمُرُّونَ عَلَيۡهِم مُّصۡبِحِينَ
आयत 137
अर्थ का अनुवादऔर ऐ अहले मक्का तुम लोग भी उन पर से (कभी) सुबह को और (कभी) शाम को (आते जाते गुज़रते हो)
وَبِٱلَّيۡلِۚ أَفَلَا تَعۡقِلُونَ
आयत 138
अर्थ का अनुवादतो क्या तुम (इतना भी) नहीं समझते
وَإِنَّ يُونُسَ لَمِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
आयत 139
अर्थ का अनुवादऔर इसमें शक नहीं कि यूनुस (भी) पैग़म्बरों में से थे
إِذۡ أَبَقَ إِلَى ٱلۡفُلۡكِ ٱلۡمَشۡحُونِ
आयत 140
अर्थ का अनुवाद(वह वक्त याद करो) जब यूनुस भाग कर एक भरी हुई कश्ती के पास पहुँचे
فَسَاهَمَ فَكَانَ مِنَ ٱلۡمُدۡحَضِينَ
आयत 141
अर्थ का अनुवादतो (अहले कश्ती ने) कुरआ डाला तो (उनका ही नाम निकला) यूनुस ने ज़क उठायी (और दरिया में गिर पड़े)
فَٱلۡتَقَمَهُ ٱلۡحُوتُ وَهُوَ مُلِيمࣱ
आयत 142
अर्थ का अनुवादतो उनको एक मछली निगल गयी और यूनुस खुद (अपनी) मलामत कर रहे थे
فَلَوۡلَآ أَنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلۡمُسَبِّحِينَ
आयत 143
अर्थ का अनुवादफिर अगर यूनुस (खुदा की) तसबीह (व ज़िक्र) न करते
لَلَبِثَ فِي بَطۡنِهِۦٓ إِلَىٰ يَوۡمِ يُبۡعَثُونَ
आयत 144
अर्थ का अनुवादतो रोज़े क़यामत तक मछली के पेट में रहते
۞فَنَبَذۡنَٰهُ بِٱلۡعَرَآءِ وَهُوَ سَقِيمࣱ
आयत 145
अर्थ का अनुवादफिर हमने उनको (मछली के पेट से निकाल कर) एक खुले मैदान में डाल दिया
وَأَنۢبَتۡنَا عَلَيۡهِ شَجَرَةࣰ مِّن يَقۡطِينࣲ
आयत 146
अर्थ का अनुवादऔर (वह थोड़ी देर में) बीमार निढाल हो गए थे और हमने उन पर साये के लिए एक कद्दू का दरख्त उगा दिया
وَأَرۡسَلۡنَٰهُ إِلَىٰ مِاْئَةِ أَلۡفٍ أَوۡ يَزِيدُونَ
आयत 147
अर्थ का अनुवादऔर (इसके बाद) हमने एक लाख बल्कि (एक हिसाब से) ज्यादा आदमियों की तरफ (पैग़म्बर बना कर भेजा)
فَـَٔامَنُواْ فَمَتَّعۡنَٰهُمۡ إِلَىٰ حِينࣲ
आयत 148
अर्थ का अनुवादतो वह लोग (उन पर) ईमान लाए फिर हमने (भी) एक ख़ास वक्त तक उनको चैन से रखा
فَٱسۡتَفۡتِهِمۡ أَلِرَبِّكَ ٱلۡبَنَاتُ وَلَهُمُ ٱلۡبَنُونَ
आयत 149
अर्थ का अनुवादतो (ऐ रसूल) उन कुफ्फ़ार से पूछो कि क्या तुम्हारे परवरदिगार के लिए बेटियाँ हैं और उनके लिए बेटे
أَمۡ خَلَقۡنَا ٱلۡمَلَٰٓئِكَةَ إِنَٰثࣰ ا وَهُمۡ شَٰهِدُونَ
आयत 150
अर्थ का अनुवाद(क्या वाक़ई) हमने फरिश्तों की औरतें बनाया है और ये लोग (उस वक्त) मौजूद थे
أَلَآ إِنَّهُم مِّنۡ إِفۡكِهِمۡ لَيَقُولُونَ
आयत 151
अर्थ का अनुवादख़बरदार (याद रखो कि) ये लोग यक़ीनन अपने दिल से गढ़-गढ़ के कहते हैं कि खुदा औलाद वाला है
وَلَدَ ٱللَّهُ وَإِنَّهُمۡ لَكَٰذِبُونَ
आयत 152
अर्थ का अनुवादऔर ये लोग यक़ीनी झूठे हैं
أَصۡطَفَى ٱلۡبَنَاتِ عَلَى ٱلۡبَنِينَ
आयत 153
अर्थ का अनुवादक्या खुदा ने (अपने लिए) बेटियों को बेटों पर तरजीह दी है
مَا لَكُمۡ كَيۡفَ تَحۡكُمُونَ
आयत 154
अर्थ का अनुवाद(अरे कम्बख्तों) तुम्हें क्या जुनून हो गया है तुम लोग (बैठे-बैठे) कैसा फैसला करते हो
أَفَلَا تَذَكَّرُونَ
आयत 155
अर्थ का अनुवादतो क्या तुम (इतना भी) ग़ौर नहीं करते
أَمۡ لَكُمۡ سُلۡطَٰنࣱ مُّبِينࣱ
आयत 156
अर्थ का अनुवादया तुम्हारे पास (इसकी) कोई वाज़ेए व रौशन दलील है
فَأۡتُواْ بِكِتَٰبِكُمۡ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ
आयत 157
अर्थ का अनुवादतो अगर तुम (अपने दावे में) सच्चे हो तो अपनी किताब पेश करो
وَجَعَلُواْ بَيۡنَهُۥ وَبَيۡنَ ٱلۡجِنَّةِ نَسَبࣰ اۚ وَلَقَدۡ عَلِمَتِ ٱلۡجِنَّةُ إِنَّهُمۡ لَمُحۡضَرُونَ
आयत 158
अर्थ का अनुवादऔर उन लोगों ने खुदा और जिन्नात के दरमियान रिश्ता नाता मुक़र्रर किया है हालाँकि जिन्नात बखूबी जानते हैं कि वह लोग यक़ीनी (क़यामत में बन्दों की तरह) हाज़िर किए जाएँगे
سُبۡحَٰنَ ٱللَّهِ عَمَّا يَصِفُونَ
आयत 159
अर्थ का अनुवादये लोग जो बातें बनाया करते हैं इनसे खुदा पाक साफ़ है
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
आयत 160
अर्थ का अनुवादमगर खुदा के निरे खरे बन्दे (ऐसा नहीं कहते)
فَإِنَّكُمۡ وَمَا تَعۡبُدُونَ
आयत 161
अर्थ का अनुवादग़रज़ तुम लोग खुद और तुम्हारे माबूद
مَآ أَنتُمۡ عَلَيۡهِ بِفَٰتِنِينَ
आयत 162
अर्थ का अनुवादउसके ख़िलाफ (किसी को) बहका नहीं सकते
إِلَّا مَنۡ هُوَ صَالِ ٱلۡجَحِيمِ
आयत 163
अर्थ का अनुवादमगर उसको जो जहन्नुम में झोंका जाने वाला है
وَمَا مِنَّآ إِلَّا لَهُۥ مَقَامࣱ مَّعۡلُومࣱ
आयत 164
अर्थ का अनुवादऔर फरिश्ते या आइम्मा तो ये कहते हैं कि मैं हर एक का एक दरजा मुक़र्रर है
وَإِنَّا لَنَحۡنُ ٱلصَّآفُّونَ
आयत 165
अर्थ का अनुवादऔर हम तो यक़ीनन (उसकी इबादत के लिए) सफ बाँधे खड़े रहते हैं
وَإِنَّا لَنَحۡنُ ٱلۡمُسَبِّحُونَ
आयत 166
अर्थ का अनुवादऔर हम तो यक़ीनी (उसकी) तस्बीह पढ़ा करते हैं
وَإِن كَانُواْ لَيَقُولُونَ
आयत 167
अर्थ का अनुवादअगरचे ये कुफ्फार (इस्लाम के क़ब्ल) कहा करते थे
لَوۡ أَنَّ عِندَنَا ذِكۡرࣰ ا مِّنَ ٱلۡأَوَّلِينَ
आयत 168
अर्थ का अनुवादकि अगर हमारे पास भी अगले लोगों का तज़किरा (किसी किताबे खुदा में) होता
لَكُنَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
आयत 169
अर्थ का अनुवादतो हम भी खुदा के निरे खरे बन्दे ज़रूर हो जाते
فَكَفَرُواْ بِهِۦۖ فَسَوۡفَ يَعۡلَمُونَ
आयत 170
अर्थ का अनुवाद(मगर जब किताब आयी) तो उन लोगों ने उससे इन्कार किया ख़ैर अनक़रीब (उसका नतीजा) उन्हें मालूम हो जाएगा
وَلَقَدۡ سَبَقَتۡ كَلِمَتُنَا لِعِبَادِنَا ٱلۡمُرۡسَلِينَ
आयत 171
अर्थ का अनुवादऔर अपने ख़ास बन्दों पैग़म्बरों से हमारी बात पक्की हो चुकी है
إِنَّهُمۡ لَهُمُ ٱلۡمَنصُورُونَ
आयत 172
अर्थ का अनुवादकि इन लोगों की (हमारी बारगाह से) यक़ीनी मदद की जाएगी
وَإِنَّ جُندَنَا لَهُمُ ٱلۡغَٰلِبُونَ
आयत 173
अर्थ का अनुवादऔर हमारा लश्कर तो यक़ीनन ग़ालिब रहेगा
فَتَوَلَّ عَنۡهُمۡ حَتَّىٰ حِينࣲ
आयत 174
अर्थ का अनुवादतो (ऐ रसूल) तुम उनसे एक ख़ास वक्त तक मुँह फेरे रहो
وَأَبۡصِرۡهُمۡ فَسَوۡفَ يُبۡصِرُونَ
आयत 175
अर्थ का अनुवादऔर इनको देखते रहो तो ये लोग अनक़रीब ही (अपना नतीजा) देख लेगे
أَفَبِعَذَابِنَا يَسۡتَعۡجِلُونَ
आयत 176
अर्थ का अनुवादतो क्या ये लोग हमारे अज़ाब की जल्दी कर रहे हैं
فَإِذَا نَزَلَ بِسَاحَتِهِمۡ فَسَآءَ صَبَاحُ ٱلۡمُنذَرِينَ
आयत 177
अर्थ का अनुवादफिर जब (अज़ाब) उनकी अंगनाई में उतर पडेग़ा तो जो लोग डराए जा चुके हैं उनकी भी क्या बुरी सुबह होगी
وَتَوَلَّ عَنۡهُمۡ حَتَّىٰ حِينࣲ
आयत 178
अर्थ का अनुवादऔर उन लोगों से एक ख़ास वक्त तक मुँह फेरे रहो
وَأَبۡصِرۡ فَسَوۡفَ يُبۡصِرُونَ
आयत 179
अर्थ का अनुवादऔर देखते रहो ये लोग तो खुद अनक़रीब ही अपना अन्जाम देख लेगें
سُبۡحَٰنَ رَبِّكَ رَبِّ ٱلۡعِزَّةِ عَمَّا يَصِفُونَ
आयत 180
अर्थ का अनुवादये लोग जो बातें (खुदा के बारे में) बनाया करते हैं उनसे तुम्हारा परवरदिगार इज्ज़त का मालिक पाक साफ है
وَسَلَٰمٌ عَلَى ٱلۡمُرۡسَلِينَ
आयत 181
अर्थ का अनुवादऔर पैग़म्बरों पर (दुरूद) सलाम हो
وَٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
आयत 182
अर्थ का अनुवादऔर कुल तारीफ खुदा ही के लिए सज़ावार हैं जो सारे जहाँन का पालने वाला है