क़ुरआन ऑनलाइन गाइड

سُوْرَةُ الْفَلَقِ

Al-Falaq

सूरह 113आयतें 5 अवतरण स्थान मक्कीजुज़ 30–30

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

قُلۡ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلۡفَلَقِ

आयत 1

अर्थ का अनुवाद(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं सुबह के मालिक की

مِن شَرِّ مَا خَلَقَ

आयत 2

अर्थ का अनुवादहर चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की पनाह माँगता हूँ

وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ

आयत 3

अर्थ का अनुवादऔर अंधेरीरात की बुराई से जब उसका अंधेरा छा जाए

وَمِن شَرِّ ٱلنَّفَّٰثَٰتِ فِي ٱلۡعُقَدِ

आयत 4

अर्थ का अनुवादऔर गन्डों पर फूँकने वालियों की बुराई से

وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ

आयत 5

अर्थ का अनुवाद(जब फूँके) और हसद करने वाले की बुराई से

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